प्रदेश के 11.40 लाख बीपीएल परिवारों को सस्ता सरसों का तेल नहीं मिलने का मामला भी सदन में गरमाया। इसको लेकर तोशाम से विधायक किरण चौधरी और डिप्टी सीएम-आमने सामने रहे। किरण चौधरी ने कहा कि सरकार ने 250-250 रुपये देने का फैसला किया है। इससे प्रति व्यक्ति को तेल के लिए 110 रुपये अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं, क्योंकि हैफेड का एक लीटर तेल 180 रुपये लीटर है।
वहीं, शैली चौधरी ने कहा कि पैसे के बजाय सरकार लोगों को सरसों का तेल उपलब्ध कराए। जबाव में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बताया कि 5 लाख से अधिक लोगों को 250-250 रुपये दिए जा चुके हैं। 2.20 लाख लोगों के खाते में कुछ ही दिन में पैसे पहुंच जाएंगे। जिन लोगों के खाते नहीं मिल पाए हैं, उनके लिए पोर्टल बनाया गया है। आगे सरसों की खरीद होगी तो फिर से पात्र लोगों को सरसों का तेल देना शुरू किया जाएगा।
रिफ्यूजी शब्द पर रोक लगाने की मांग
जींद के विधायक कृष्ण मिड्ढा ने ये मांग रखी कि बंटवारे के समय यहां आए लोगों को आज भी रिफ्यूजी कहा जाता है। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए और कोई कहे तो उस पर कार्रवाई हो। इसी प्रकार, काफी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिनके नाम कुछ हैं लेकिन कागजों में कुछ हैं। ऐसे में उनके अपने नाम के आगे उर्फ लगाने की छूट दी जाए।