अब यदि ओसी (आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) के आवेदन करने की तिथि से छह महीने के भीतर विभाग निरीक्षण कर लेता है तो उस तिथि तक ही फीस ली जाएगी। यदि विभाग छह महीने के बाद निरीक्षण करता है या नहीं करता है तो आवेदन करने की तिथि तक ही फीस ली जाएगी। यह प्रावधान तब लागू होगा जब आवेदक बकाया राशि का भुगतान कर देगा।
330 आवंटियों को होगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सटेंशन फीस के मद में 330 आवंटियों की करीब 636 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। एचएसआईआईडीसी एक्सटेंशन फीस के मद में बकाया राशि का 50 प्रतिशत माफ करेगा। संशोधित मानदंडों के अनुसार 31 मार्च 2021 तक की एक्सटेंशन फीस जमा करने के बाद आवंटी आगे के एक्सटेंशन का हकदार होगा। मौजूदा अलॉटी के लिए जहां एक्सटेंशन छह साल से अधिक है, वहां आवंटी को पांच वें वर्ष के लिए एक्सटेंशन फीस पर परियोजना पूरा करने के लिए एक अतिरिक्त वर्ष का लाभ मिल सकता है। इसे नई एक्सटेंशन पॉलिसी के तहत कवर किया जाएगा।
छह वर्ष से अधिक की कोई भी एक्सटेंशन मान्य नहीं होगी
उद्योगपतियों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि छह वर्ष से अधिक की कोई भी एक्सटेंशन मान्य नहीं होगी। प्लॉट की अनिवार्य रूप से नीलामी की जाएगी। यदि आवंटी अपनी परियोजनाओं को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं तो 6वें वर्ष के प्रारंभ से पहले आवंटी प्लॉट की बिक्री के लिए एचएसआईआईडीसी के माध्यम से नीलामी द्वारा आवेदन कर सकता है। एचएसआईआईडीसी प्लॉट की नीलामी करेगा और अपने शुल्क की कटौती के बाद बिक्री पर हुआ लाभ आवंटी के साथ समान रूप से बांटेगा। यदि प्लॉट नीलामी में नहीं बिकता तो एचएसआईआईडीसी की नीति के अनुसार प्लॉट रिज्यूम किया जाएगा।
बकाया राशि का भुगतान करने पर एमनेस्टी योजना का लाभ
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रतिष्ठित परियोजनाओं के मामले में यदि आवंटी एकमुश्त भुगतान योजना का लाभ उठाकर बकाया राशि का भुगतान करता है तो ऐसी प्रतिष्ठित परियोजनाओं को अगस्त 2019 की एचएसआईआईडीसी में घोषित पहली एमनेस्टी स्कीम का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा एग्जिट रूट का चुनाव करने के लिए प्रस्तावित तय पूंजीगत निवेश का कम से कम 25 प्रतिशत वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया हो। मुख्यमंत्री ने प्लॉट छोड़ने के लिए धन वापसी नियमों को युक्तिसंगत बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह 25 मार्च 2021 से लागू किए गए आत्मसमर्पण आवेदनों पर लागू होगा।