अवैध खनन पर और लगाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार ने खास फैसला किया है। हरियाणा सरकार अब प्रदेश में पूर्व सैनिकों को अवैध खनन की निगरानी का जिम्मा सौपेंगी। सरकार का मानना है कि पूर्व सैनिक इस काम को बखूबी निभा सकते हैं। इसी के चलते सूबे की सरकार ने प्रदेश में इन पूर्व सैनिकों को माइनिंग गार्ड के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रदेश सरकार में माइनिंग गार्ड के पद भी सृजित किए हैं।
सरकार ने फिलहाल खान एवं भू-विज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के 111 पद सृजित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। माइनिंग गार्ड के इन 111 पदों को आउटसोर्सिंग नीति के तहत भूतपूर्व सैनिकों में से भरा जाएगा। इन पदों के सृजन से उत्पन्न खर्च को विभाग द्वारा अपने स्वीकृत बजट से वहन किया जाएगा।
बताते चलें कि पिछले दिनों खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अवैध खनन के गोरखधंधे को सख्ती से बंद करवाया जाए। इस गोरखधंधे में लिप्त लोगों से भी पूरी सख्ती से निपटा जाए। इसी कड़ी में अब सरकार ने पूर्व सैनिकों को माइनिंग गार्ड बनाकर फील्ड में उतारने का फैसला किया है।