पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में नाकाम 34 अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ हरियाणा सरकार ने कार्रवाई की है। कृषि विभाग के सात डिप्टी डायरेक्टर को शो काज नोटिस जारी किया गया है। एक एसडीओ,14 पटवारी व 10 एओ के खिलाफ चार्जशीट की अनुशंसा की गई है।
कृषि विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन जिलों में की गई है, जहां पराली जलने की घटनाएं ज्यादा आ रही थीं। पिछले दिनों में पराली जलाने की घटनाओं की समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने उन अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जहां पराली जलने की ज्यादा घटनाएं आ रही थी।
अब तक आ चुके हैं 554 मामले
हरियाणा में पराली जलने के अब तक 554 मामले सामने आ चुके हैं। काफी प्रयासों के बावजूद पराली की घटनाएं नहीं रुकी रही हैं। सबसे ज्यादा मामले कैथल, जींद, यमुनानगर, सोनीपत, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र और अंबाला से आ रहे हैं। शासन ने इन सभी जिलों के डिप्टी डायरेक्टरों को शोकाज नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया गया है। संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं मिलने पर कृषि विभाग विभागीय कार्रवाई करेगा।
एक एसडीओ, 14 पटवारी व दस एग्रीकल्चर आफिसर (एओ) के खिलाफ चार्जशीट की अनुशंसा की गई है। वहीं, फतेहाबाद के कृषि पर्यवेक्षक व सहायक टीम प्रबंधक को काम में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर जगमिंदर नैन ने बताया कि पराली को जलाने से रोकने के लिए सरकार गंभीर है। इस मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
किसानों पर अब तक 15 लाख का जुर्माना
पराली जलाने वाले आदतन किसानों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। अब तक 554 पराली व आग जलाने वालों के खिलाफ 15 लाख से ज्यादा जुर्माना लगाया जा चुका है। विभाग को सैटेलाइट के माध्यम से अब तक 554 पराली जलाने की सूचना मिली। इनमें से 94 ऐसे मामले थे, जिनमें मौके पर जांच करने पर पराली जलाने के सबूत नहीं मिले। यह आग कूड़े या किसी अन्य वस्तुओं पर लगी थी। इनमें से जिन लोगों ने जानबूझ कर आग लगाई थी। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
एक हजार तक मामले कम हो सकते हैं
कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर जगमिंदर नैन ने बताया कि इस बार फसल 125 से 130 दिनों में पक गईं। इस वजह से पराली जलने की घटनाएं शुरू में ज्यादा आईं हैं। जो इस बार रुझान हैं, उससे अनुमान है कि पिछले साल की तुलना में पराली जलने के एक हजार से कम मामले आ सकते हैं। पिछले साल 33 सौ मामले सामने आए थे।
जिन किसानों ने पराली नहीं जलाई, उन्हें मिलेंगे 70 करोड़
हरियाणा सरकार पराली नहीं जलाने वाले किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दे रही है। बस उन्हें अपनी पराली का प्रबंधन करना है। अब तक 76 हजार 794 किसान अनुदान के लिए अप्लाई कर चुके हैं। इसके लिए उन्हें 70 करोड़ रुपये की राशि सरकार की ओर से दी जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारी अब किसानों के आवेदनों का सत्यापन करेंगे। उसके बाद उनके खाते में सरकार की ओर से पैसे जारी कर दिए जाएंगे।
किस इलाके में कितनी पराली जली
शहर पराली
अंबाला 80
फतेहाबाद 82
हिसार 30
जींद 61
कैथल 51
करनाल 39
कुरुक्षेत्र 67
सोनीपत 43
यमुनानगर 42