हरियाणा से पूर्व में सीपीएस रहे रामपाल माजरा ने बुधवार को इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। अभय सिंह चौटाला ने चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए रामपाल माजरा को इनेलो का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की भी घोषणा की।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में माजरा ने कहा कि परिवार में कुछ मतभेद हो जाते हैं, लेकिन वे कभी भी इनेलो पार्टी से दूर नहीं हुए। वे चौ. देवीलाल के न्याय युद्ध और राजीव लोंगेवाला समझौते के खिलाफ भी शामिल रहे हैं।
अभय चौटाला ने तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ किए गए किसान आंदोलन का पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की अध्यक्षता में समर्थन किया और उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद मैंने भी बीजेपी छोड़ दी और उनका साथ दिया। अब वह फिर से अपने परिवार में आ गए हैं।
अभय चौटाला ने कहा कि रामपाल माजरा कुछ समय के लिए निष्क्रिय हुए थे, लेकिन अब फिर से पार्टी को मजबूत करने के लिए इनेलो के साथ आए हैं। इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला की यह इच्छा थी पार्टी की कमान रामपाल माजरा को सौंपी जाए। आज से हम सभी इनके नेतृत्व में काम करेंगे।
अनिल विज को छोड़ देनी चाहिए पार्टी : चौटाला
अभय चौटाला ने कहा कि नए मंत्रिमंडल से लोगों के साथ-साथ अनिल विज और भाजपा विधायकों एवं निर्दलीय विधायकों में बड़ी नाराजगी है। अनिल विज को तो अब तक पार्टी छोड़ देनी चाहिए थी। उनको देखकर लगता है कि वो एक भी दिन इस सरकार को बर्दाश्त नहीं करना चाहते। नायब सैनी को विश्वास ही नहीं हो रहा है की वो मुख्यमंत्री बन गए हैं और वो पूर्व मुख्यमंत्री को अभी भी मुख्यमंत्री कहकर संबोधित कर रहे हैं।
आप के प्रत्याशी सुशील गुप्ता द्वारा अभय सिंह को बाहरी प्रत्याशी बताने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गुप्ता की जमानत जब्त होगी और वो जैसे आए हैं वैसे ही चले जाएंगे।