हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जनक्रांति यात्रा की राह में बहुत बड़ी अड़चन आ गई है। दरअसल, वे अस्पताल पहुंच गए हैं। सोमवार को हुड्डा पलवल के गांव सिहौल में 52 पालों की कथा व भंडारे में पहुंचे थे। कार्यक्रम से वापस लौटते समय हुड्डा का पांव पंडाल में जमीन पर बिछे कारपेट में उलझ गया, जिससे वह गिर पड़े। इससे उनके बाएं पांव में फ्रैक्चर आ गया।
पलवल के निजी मंगला मेडिकोज अस्पताल में कराए गए एक्सरे में पांव की हड्डी टूटी पाई गई है। अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी गुप्ता ने पांव पर प्लास्टर चढ़ाकर तीन हफ्ते तक आराम करने की सलाह दी है। हुड्डा के पांव में आए फ्रैक्चर के चलते अब हुड्डा समर्थक विधायकों और कार्यकर्ताओं पर बड़ी जिम्मेदारी आ पड़ी है।
25 फरवरी से शुरू होने वाली जनक्रांति यात्रा में हुड्डा शामिल हो पाते हैं या उनके बिना यात्रा चलती है, इस पर वह जल्दी स्थिति साफ करेंगे, लेकिन अब पूरा दारोमदार उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र सिंह हुड्डा व समर्थकों पर आ गया है। चूंकि, यात्रा के जरिए पूरा हरियाणा नापकर हुड्डा 2019 में कांग्रेस को सत्ता पर काबिज करने का सपना संजोए हुए हैं।
दिल्ली रवाना हुए हुड्डा
पूर्व सीएम हुड्डा फ्रैक्चर होने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके साथ पलवल के विधायक करण सिंह दलाल, विधायक उदयभान और पलवल सहकारी चीनी मिल के उपाध्यक्ष देवी चरण मंगला भी थे। इससे पहले हुड्डा ने सिहौल गांव में कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज की 36 बिरादरियों में प्रेम और भाईचारा बढ़ता है।
जब युवा समाज पढ़ा लिखा होगा तभी इलाका, क्षेत्र व देश आगे बढ़ेगा। यदि देश, प्रदेश व जिले का विकास कराना है तो राजनीति, जाति व धर्म से ऊपर उठकर सोचना चाहिए, क्योंकि विकास होगा तो सभी 36 बिरादरी का फायदा होगा।