यही नहीं कृषि क्षेत्र में 3,000 से ज्यादा सोलर पंप वितरित किए गए। राज्य में भवनों के लिए शुरू की गई एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड स्कीम व ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीसिएंसी की पैट स्कीम को सही ढंग से लागू करने से भी ऊर्जा संरक्षण में लाभ मिला है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में भी ऊर्जा बचत के लिए कई कदम उठाए गए। इनमें एमसएमई पॉलिसी में ऊर्जा संरक्षण करने वाले उद्योगों को छूट व बिजली बचत करने वाले उपकरण खरीदने के लिए ऋण देने का प्रावधान किया गया। गुप्ता ने बताया कि ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार द्वारा ऊर्जा बचत के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि रोडवेज बसों के ड्राइवरों को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रशिक्षित करने हेतु ‘पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन’ के साथ टाईअप किया गया। सरकारी बसों की माइलेज को मानिटरिंग किया जा रहा है व ऊर्जा बचत को ध्यान में रख कर स्मार्ट-सिटीज के लिए विशेष नीति बनाई जा रही है। यही नहीं प्रदेश में बिजली से चलने वाले वाहनों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के लिए जहां ‘इलेक्ट्रिक व्हीक्ल पॉलिसी’ तैयार की जा रही है, वहीं बैट्री व सीएनजी से चलने वाले वाहनों के लिए टैक्स में एकमुश्त 20 प्रतिशत तथा हाइब्रिड वाहनों के लिए 10 प्रतिशत छूट देने की पॉलिसी बनाई जा रही है।