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ऊर्जा दक्षता सूचकांक: देश में हरियाणा बना नंबर वन, सीएम बोले- निरंतर प्रयासरत रहेगी सरकार

Sun, 12 Jan 2020 07:34 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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‘राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक 2019’ में हरियाणा प्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल उत्साहित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों की बदौलत यह मुकाम हासिल हो पाया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की इस उपलब्धि को गौरवान्वित करने वाला बताया और कहा कि प्रदेश सरकार ऊर्जा दक्षता में निरंतर प्रयासरत रहेगी।

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यह सूचकांक भवन, कृषि, डिस्कॉम, परिवहन, उद्योग एवं नगरपालिका क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता को ध्यान में रखते हुए 97 महत्वपूर्ण मानकों को आधार मानकर तैयार किया गया है और देश के 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने इसमें हिस्सा लिया।

बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीसी गुप्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार ने सरकारी भवन एवं दूसरे क्षेत्रों में ऊर्जा संरक्षण को अनिवार्य किया था। प्रदेश में सरकारी भवनों में एलइडी लाइट्स, सोलर रूफ-टॉप लगाए गए तथा कृषि क्षेत्र में एक योजना बनाकर नीतिगत ढंग से स्टार-रेटिड पंप लगाने से भी ऊर्जा बचाने की दिशा में ठोस प्रयास किया गया।

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यही नहीं कृषि क्षेत्र में 3,000 से ज्यादा सोलर पंप वितरित किए गए। राज्य में भवनों के लिए शुरू की गई एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड स्कीम व ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीसिएंसी की पैट स्कीम को सही ढंग से लागू करने से भी ऊर्जा संरक्षण में लाभ मिला है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में भी ऊर्जा बचत के लिए कई कदम उठाए गए। इनमें एमसएमई पॉलिसी में ऊर्जा संरक्षण करने वाले उद्योगों को छूट व बिजली बचत करने वाले उपकरण खरीदने के लिए ऋण देने का प्रावधान किया गया। गुप्ता ने बताया कि ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार द्वारा ऊर्जा बचत के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि रोडवेज बसों के ड्राइवरों को ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रशिक्षित करने हेतु ‘पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन’ के साथ टाईअप किया गया। सरकारी बसों की माइलेज को मानिटरिंग किया जा रहा है व ऊर्जा बचत को ध्यान में रख कर स्मार्ट-सिटीज के लिए विशेष नीति बनाई जा रही है। यही नहीं प्रदेश में बिजली से चलने वाले वाहनों को अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के लिए जहां ‘इलेक्ट्रिक व्हीक्ल पॉलिसी’ तैयार की जा रही है, वहीं बैट्री व सीएनजी से चलने वाले वाहनों के लिए टैक्स में एकमुश्त 20 प्रतिशत तथा हाइब्रिड वाहनों के लिए 10 प्रतिशत छूट देने की पॉलिसी बनाई जा रही है।
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