पाकिस्तान में अल्पसंख्यक होने के बावजूद जमात-ए-अहमदिया समुदाय को सीएए से बाहर रखे जाने संबंधी सवाल पर झा ने कहा कि मुस्लिम पाकिस्तान में बहुसंख्यक हैं, लिहाजा उन्हें इसमे शामिल नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान तो उन्हें मुस्लिम न मानकर गैर मुस्लिम अल्पसंख्यक मानता है तो झा का कहना था कि यह उनकी गलती है तो हम उसमें क्या कर सकते हैं। जमात-ए-अहमदिया को राहत देने संबंधी किसी गुंजाइश पर उन्होंने दो टूक कहा कि अब उक्त कानून को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है, इसलिए अब इसमें कोई और बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
हमने किया नेहरू-लियाकत समझौते का सम्मान
उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश में मुसलमानों की जनसंख्या करीब 6 करोड़ थी जो बढ़कर करीब 22 करोड़ हो गई है। जबकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या कम हो गई है, ऐसे में सवाल है कि करोड़ों अल्पसंख्यक कहां गए। हमने तो अपने देश में नेहरू लियाकत समझौते का सम्मान किया और उसका पालन भी किया लेकिन उन्होंने नहीं।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की और उक्त कानून को प्रदेश में लागू न करने संबंधी घोषणा पर उन्होंने कहा कि सीएम पंजाब ने यह बयान केवल सोनिया गांधी को खुश करने के लिए ही दिया है। झा ने कहा कि लोग कांग्रेस को पूरी तरह समझने लगे है। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद, मेयर शिव सूद, पार्षद निपुन शर्मा, विनोद परमार और अश्वनी गैंद भी उपस्थित थे।