हरियाणा के जिलों में तैनात 95 फीसदी जिला राजस्व अधिकारी यानि डीआरओ, तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी संपत्ति छिपा रहे हैं। इन्होंने सरकार को 2020- 21 में भरी अपनी आयकर रिटर्न की कॉपी अभी तक नहीं सौंपी है। इन अधिकारियों को बार-बार स्मरण पत्र भी भेजे गए, लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब 10 दिन में अगर ये अफसर सरकार को अपनी आईटीआर नहीं भेजते हैं, तो इन्हें चार्जशीट कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सरकार के निर्देशानुसार अफसरों को आईटीआर की कॉपी हर साल सांझा करना जरूरी है। बावजूद इसके वे सरकार को रिपोर्ट नहीं दे रहे। बार-बार कहने के बावजूद संपत्ति का ब्योरा न देने पर सरकार का माथा ठनका है। ये अफसर अब संदेह के दायरे में हैं। इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इनकी 2020-21 की आयकर रिटर्न का अध्ययन कर सरकार देखेगी कि एक साल में इनकी संपत्ति में कितना इजाफा हुआ है। जिनकी संपत्ति आय से अधिक निकली, उनके खिलाफ अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अधिकतर ने नहीं भेजी रिपोर्ट, अवहेलना पर नपेंगे
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अभी तक अधिकतर डीआरओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार ने आईटीआर की कॉपी सरकार को नहीं भेजी है। उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। इसके बाद आरोप पत्र जारी करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। राजस्व अधिकारियों के खिलाफ लंबित शिकायतों को जल्द निपटाया जाएगा। डीसी को लंबित मामलों की सूची भेजकर दो हफ्ते में प्रगति रिपोर्ट देने को कहा है। - पीके दास, वित्तायुक्त व अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग।