आयाराम-गयाराम की राजनीति के लिए मशहूर हरियाणा के ‘उड़ते पंछी’ विधानसभा चुनाव से पहले नया आशियाना तलाशने में जुट गए हैं।
केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद हरियाणा के अधिकतर बागी नेता भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं। चुनावी महाभारत में कूदने के लिए तैयार भाजपा ने भी संगठन का विस्तार करने के लिए ऐसे नेताओं के लिए दरवाजे खोल दिए हैं।
नेताओं के लिए खुले हैं कई विकल्प
चुनाव लड़ने के लिए ठौर तलाश रहे नेताओं के लिए भाजपा व कांग्रेस के साथ ही इंडियन नेशनल लोकदल (इनलो) भी पसंद है। हालांकि इनेलो अब तक 62 उम्मीदवार मैदान में उतार चुकी है।
उधर, भाजपा और हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) का गठबंधन भी कायम रहने के आसार नहीं दिख रहे हैं। हजकां सभी 90 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की बात करने लगी है।
ऐसे में चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में जुटे नेताओं के लिए अवसर बढ़ जाएंगे। बसपा भी यहां मैदान में होगी। इसके बाद भी यदि टिकट नहीं मिला तो विनोद शर्मा की जनचेतना पार्टी, गोपाल कांडा की हरियाणा लोकहित पार्टी भी ताल ठोक रही है।
चुनावी मौसम के चलते हरियाणा में लगभग आधा दर्जनों नई पार्टियां भी अस्तित्व में आ चुकी हैं। ऐसे में उड़ते पंछियों को आशियाना मिल जाने की पूरी गुंजाइश है।
भाजपा का दावा : कई नेता संपर्क में
भाजपा की ओर रुख करने वाले नेताओं में सबसे ज्यादा कांग्रेस से हैं, जो प्रदेश में एक दशक से सत्तारूढ़ है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह जल्द ही भाजपा का दामन थामने जा रहे हैं, जबकि एक और नेता अवतार सिंह भड़ाना भी पार्टी को अलविदा कह सकते हैं।
आबकारी मंत्री किरण चौधरी के भी भाजपा में जाने की अटकलें खत्म नहीं हो रही हैं। हालांकि खुद चौधरी के अलावा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी इन अटकलों को खारिज कर चुके हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल नेता अब संसद में हैं। राव इंद्रजीत सिंह तो नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री भी बन चुके हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रभारी जगदीश मुखी कहते हैं कि कांग्रेस से कई नेता भाजपा के संपर्क में हैं। उनका दावा है कि कांग्रेस के कई नेता उसके संपर्क में हैं। प्रदेश में भाजपा के बाद नेताओं की दूसरी पसंद इंडियन नेशनल लोकदल है। लेकिन इनेलो में शामिल होने वालों में ज्यादातर छोटे स्तर के नेता हैं।
हालांकि इनलो में टिकट वितरण के बाद असंतोष सामने आ चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले इनेलो के नेता भी नया आशियाना तलाश सकते हैं।
भाजपा एकला चलो रे के मूड में
भाजपा के हरियाणा प्रभारी प्रो. जगदीश मुखी ने साफ कर दिया है कि बदली परिस्थितयों में हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) को नए फार्मूले के तहत सीटें दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि अब यह हजकां पर निर्भर करता है कि वह गठबंधन पर बना रहता है कि नहीं। दूसरी तरफ हजकां अपनी मांगों पर कायम है। दोनो दलों के तेवरों से साफ है कि अब इस गठबंधन के बने रहने के आसार बहुत कम हैं।
प्रो. मुखी ने अमर उजाला से कहा कि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद प्रदेश के राजनीतिक हालात बदल चुके हैं। इसीलिए हजकां को नए फार्मूले के तहत सीटों पर मान जाना चाहिए।
दरअसल दिल्ली मे भाजपा और हजकां केबीच पिछले दिनों कई दौर की बातें होती रहीं हैं। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया। दूसरी तरफा हजकां भी किसी भी सूरत में 45 सीटों से कम पर मानने को तैयार नहीं है। जबकि भाजपा 25 से ज्यादा सीटें हजकां को देने को तैयार नहीं है।