भाजपा ने 67 उम्मीदवारों की सूची में सोशल इंजीनियरिंग का दांव खेला है। जिन जातियों का मतदाता सूची में ज्यादा प्रतिनिधित्व है, उनका टिकटों में प्रतिनिधित्व ज्यादा दिखा है। राज्य में ओबीसी जातियों की आबादी करीब 42 फीसदी है। इसलिए पार्टी ने ओबीसी समुदाय के 14 चेहरों पर दांव खेला है।
इसमें गुर्जर, यादव, कश्यप, कुम्हार, कंबोज, राजपूत और सैनी आदि को जगह मिली है। पार्टी ने जगाधरी, लाडवा, कैथल, इंद्री, समालखा, रेवाड़ी, रानिया, अटेली, नांगल चौधरी, कोसली, बादशाहपुर, सोहाना और तिगांव से ओबीसी उम्मीदवार को उतारा है।
वहीं, पार्टी ने टिकट बांटते समय जाटों को भी साधने की पूरी कोशिश की है। पार्टी ने जाट बिरादरी से 13 प्रत्याशियों को टिकट दिया है। इनमें कलायत से कमलेश ढांडा, पानीपत ग्रामीण से महिपाल ढांडा, टोहाना से देवेंद्र सिंह बबली, नारनौंद से कैप्टन अभिमन्यु, नलवा से रणधीर पनिहार, लोहारू से जेपी दलाल, बाढड़ा से उमेद पातुवास, दादरी से सुनील सांगवान, तोशाम से श्रुति चौधरी, महम से दीपक हुड्डा, गढ़ी सांपला किलोई से मंजू हुड्डा, बादली से ओम प्रकाश धनखड़ शामिल हैं।
पार्टी ने ब्राह्मणों की भी नाराजगी दूर करने की पूरी कोशिश की है। इस बार पार्टी ने नौ ब्राह्मणों को टिकट दिया है। पार्टी ने कालका से शक्तिरानी शर्मा, गोहाना से अरविंद शर्मा, सफीदों से रामकुमार गौतम, उचाना कलां से देवेंद्र अत्री, बहादुरगढ़ से दिनेश कौशिक, गुड़गांव से मुकेश शर्मा, पलवल से गौरव गौतम, पृथला से टेकचंद शर्मा, बल्लभगढ़ से मूलचंद शर्मा को उतारा है।