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हरियाणा दिवस: 54 साल में बुलंदियों तक पहुंचा प्रदेश, लेकिन विकास की राह में अब भी चुनौती के कंकण

Sun, 01 Nov 2020 02:24 PM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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ब्रह्मसरोवर की आरती करते वेदपाठी।Haryana - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब से अलग होने के बाद हरियाणा को अस्तित्व में आए 54 साल पूरे हो चुके हैं। इन पांच दशकों में किसानों, जवानों समेत 36 बिरादरियों के इस सूबे ने कई बड़े बदलाव देखे हैं। भौगोलिक दृष्टि से भले ही हरियाणा भारत का केवल 2 प्रतिशत हिस्सा है। मगर कृषि, औद्योगिक समेत कई अन्य क्षेत्रों में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में एक है। इसी के मद्देनजर मौजूदा भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार अब हरियाणा को तरक्की की बुलंदियों तक पहुंचाने का रोडमैप तैयार कर रही है। 

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वैसे तो सरकार ने प्रदेश को विकास पथ पर लगातार आगे लेकर जाने के लिए विजन-2030 भी तैयार किया है। मगर अगले पांच सालों में विभिन्न परियोजनाओं पर अरबों रुपये खर्च करने की तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर, हरियाणा की इस विकास डगर पर चुनौतियों के कंकण भी कम नहीं हैं। मगर फिर भी चौधरियों का यह प्रदेश बड़े बदलाव के साथ आगे बढ़ रहा है।

परियोजनाओं से बदलेगी सूरत, तरक्की की ओर बढ़ेगा सूबा
सरकार प्रदेश में कृषि संबंधी योजनाओं को और बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। कृषि से जुड़ी करीब 6600 करोड़ की परियोजनाएं तैयार की जा चुकी है। केंद्र सरकार से भी प्रदेश में कृषि सेक्टर के लिए विशेष पैकेज मांगा गया है। इसमें कृषि, बागवानी, मंडियों व गोदामों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

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  • प्रदेश सरकार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास पर ज्यादा फोकस कर रही है। प्रदेश में जिस क्षेत्र में ऐसे उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं हैं। वहां कलस्टर परियोजनाओं की मदद से इन उद्योगों का मजबूत किया जाएगा।
  • प्रदेश की पंचायतों को भी और सशक्त बनाने के लिए ऐसी योजना तैयार की जा रही है। जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायतें भी विभिन्न उद्योगों के लिए अपनी पंचायती जमीन को पट्टे पर दे सकेंगी।
  •  हरियाणा में स्थापित इंडस्ट्री में 70 फीसद रोजगार प्रदेश के युवाओं को मिले। इसके लिए भी प्रदेश सरकार विधानसभा में बिल लाने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा अगले पांच साल में सरकार एक लाख सरकारी नौकरियां भी सृजित करेगी।
  • हरियाणा की अर्थव्यस्था भारत में 5वीं सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकर अब विदेशी निवेश को और बढ़ाएगी। 73 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश हरियाणा में जल्द हो सकता है। विदेशी निवेश से संबंधित विभिन्न मुद्दों को हल करने व विदेश निवेशकों से समन्वय स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार ने विदेश सहयोग विभाग का भी गठन किया है।

  • देश की राजधानी दिल्ली को तीन तरफ से घेरने वाले हरियाणा में सड़क तंत्र के साथ-साथ मेट्रो व रेल नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन ने अरबों रुपये की परियोजनाएं तैयार की हैं।
  • प्रदेश में 1700 किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क है और भारत सरकार ने अब नए हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना को भी मंजूरी दे दी है।
  • 30 से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग, 11 एक्सप्रेस-वे और राज्य राजमार्ग वाले हरियाणा में अब सरकार परिवहन नेटवर्क को और सुदृढ़ बनाएगी।
  • एविएशन सेक्टर में हिसार को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ एविएशन हब बनाया जा रहा है। अमेरिका-भारत एविएशन कॉर्पोरेशन प्रोग्राम के  तहत अमेरिका की 30 बड़ी एविएशन कंपनियां हरियाणा में अपने प्रोजेक्ट लगाना चाहती हैं।
  • हरियाणा भारत का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल हब है। देश में दो तिहाई यात्री कारों, 50 प्रतिशत ट्रैक्टर, 60 प्रतिशत मोटरसाइकिलों का निर्माण हरियाणा में ही होता है। सरकार अब इसी सेक्टर को और विकसित करने व ऐसे उद्योगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए खास योजनाएं तैयार कर रही है।
  • हरियाणा में आईटी उद्योग भी तेजी से स्थापित हो रहे हैं। इसके लिए गुरुग्राम एक तरह से साइबर सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। करीब 400 से अधिक आईटी कंपनियां सूबे में स्थापित है। इस सेक्टर को भी सरकार और विकसित करेगी।
  • जनता से जुड़े कई अहम परियोजनाएं सिरे चढ़ें। इसके लिए परिवार पहचान पत्र, हाउसिंग फॉर ऑल विभाग, विदेश सहयोग विभाग, नागरिक संसाधन सूचना विभाग तथा एमएसएमई विभागों का गठन भी किया गया है।

रोशन हो रहे गांव, जागरूक बन रहे ग्रामीण

‘म्हारा गांव-म्हारा गांव’ परियोजना के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। हालांकि इस योजना की शुरूआत के समय कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। कहा यह जाता था कि हरियाणा में ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली बिल अदा करने की आदत कम ही है। मगर योजना आगे बढ़ी तो प्रदेश की ग्राम पंचायतों ने भी जागरूकता का परिचय देते हुए अपने गांवों को 24 घंटे रोशन करने देर करने में देर न लगाई। 

अरबों रुपये का बिजली बकाया भी चुकाया। नतीजतन हरियाणा के 6848 गांवों में से अभी तक 4755 गांवों को 24 घंटे बिजली शेड्यूल में डाला जा चुका है। जबकि पहले गांवों में 8 से 12 घंटे ही शिफ्टों में बिजली आती थी। बकाया रिकवरी और उपभोक्ताओं में बिजली बिल अदा करने की प्रवृति पैदा करने के बूते ही 15 साल बाद प्रदेश का बिजली निगम 2017 में सवा चार करोड़ फायदा में आया और लाभ में रहने का ये सिलसिला अभी भी जारी है।

इन चुनौतियों से पाना है पार
हरियाणा में इस वक्त कृषि आंदोलन सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। किसान संगठन लामबंद होकर प्रदेश सरकार पर पंजाब की तर्ज पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) गारंटी विधेयक लाने का दबाव बना रहे हैं। आंदोलन का एक लंबा दौर खत्म हुआ है। मगर दूसरे दौर की रणनीति बनाई जा रही है। किसान बहुल प्रदेश में किसानों को मनाना प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती है।

देश के साथ-साथ हरियाणा में इस वक्त कोरोना महामारी का दौर चल रहा है। पौने दो हजार मरीजों की मौत हो चुकी है। संक्रमित मरीजों का आंकड़ा भी बढ़  रहा है। प्रदेश को महामारी से मुक्त करना बड़ी चुनौती है।
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  • हरियाणा में बढ़ता अपराध भी बड़ी चिंता का विषय है। लगातार सनसनीखेज वारदातें प्रदेशवासियों का दिल दहलाए रखती हैं। सरकार के लिए क्राइम का ग्राफ नीचे लेकर हरियाणावासियों को को सुरक्षित माहौल देना बड़ी चुनौती है।
  • विभागों का भ्रष्टाचार और बेरोजगारी भी प्रदेश के लोगों व युवाओं के लिए बड़ी समस्याएं हैं। सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को कई नए प्रयोग कर रही है। जबकि युवाओं को रोजगार मिले। इसके लिए भी प्रयासरत है।
  • घाटे में चल रहे सरकारी विभागों व सहकारी संस्थाओं को फायदा में लाना भी बड़ी चुनौती।
  • सरकार की कोरोना काल के बाद हरियाणा की वित्तीय स्थिति को भी जल्द पटरी पर लाने की जद्दोजहद जारी है।
हरियाणा सरकार का खास फोकस जनहितैषी नीतियों पर है। शहरों व गांवो की कायाकल्प के लिए एक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। अरबों रुपये की परियोजनाओं का खाका तैयार है। आने वाले पांच सालों में प्रदेश की सूरत बहुत ज्यादा बदल जाएगी। भ्रष्टाचार, अपराध और बेरोजगार मुक्त प्रदेश के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सभी वर्गों का समान विकास हमारी प्राथमिकता है। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।
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