‘म्हारा गांव-म्हारा गांव’ परियोजना के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। हालांकि इस योजना की शुरूआत के समय कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। कहा यह जाता था कि हरियाणा में ग्रामीण उपभोक्ताओं को बिजली बिल अदा करने की आदत कम ही है। मगर योजना आगे बढ़ी तो प्रदेश की ग्राम पंचायतों ने भी जागरूकता का परिचय देते हुए अपने गांवों को 24 घंटे रोशन करने देर करने में देर न लगाई।
अरबों रुपये का बिजली बकाया भी चुकाया। नतीजतन हरियाणा के 6848 गांवों में से अभी तक 4755 गांवों को 24 घंटे बिजली शेड्यूल में डाला जा चुका है। जबकि पहले गांवों में 8 से 12 घंटे ही शिफ्टों में बिजली आती थी। बकाया रिकवरी और उपभोक्ताओं में बिजली बिल अदा करने की प्रवृति पैदा करने के बूते ही 15 साल बाद प्रदेश का बिजली निगम 2017 में सवा चार करोड़ फायदा में आया और लाभ में रहने का ये सिलसिला अभी भी जारी है।
इन चुनौतियों से पाना है पार
हरियाणा में इस वक्त कृषि आंदोलन सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। किसान संगठन लामबंद होकर प्रदेश सरकार पर पंजाब की तर्ज पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) गारंटी विधेयक लाने का दबाव बना रहे हैं। आंदोलन का एक लंबा दौर खत्म हुआ है। मगर दूसरे दौर की रणनीति बनाई जा रही है। किसान बहुल प्रदेश में किसानों को मनाना प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती है।
देश के साथ-साथ हरियाणा में इस वक्त कोरोना महामारी का दौर चल रहा है। पौने दो हजार मरीजों की मौत हो चुकी है। संक्रमित मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। प्रदेश को महामारी से मुक्त करना बड़ी चुनौती है।
- हरियाणा में बढ़ता अपराध भी बड़ी चिंता का विषय है। लगातार सनसनीखेज वारदातें प्रदेशवासियों का दिल दहलाए रखती हैं। सरकार के लिए क्राइम का ग्राफ नीचे लेकर हरियाणावासियों को को सुरक्षित माहौल देना बड़ी चुनौती है।
- विभागों का भ्रष्टाचार और बेरोजगारी भी प्रदेश के लोगों व युवाओं के लिए बड़ी समस्याएं हैं। सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को कई नए प्रयोग कर रही है। जबकि युवाओं को रोजगार मिले। इसके लिए भी प्रयासरत है।
- घाटे में चल रहे सरकारी विभागों व सहकारी संस्थाओं को फायदा में लाना भी बड़ी चुनौती।
- सरकार की कोरोना काल के बाद हरियाणा की वित्तीय स्थिति को भी जल्द पटरी पर लाने की जद्दोजहद जारी है।
हरियाणा सरकार का खास फोकस जनहितैषी नीतियों पर है। शहरों व गांवो की कायाकल्प के लिए एक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। अरबों रुपये की परियोजनाओं का खाका तैयार है। आने वाले पांच सालों में प्रदेश की सूरत बहुत ज्यादा बदल जाएगी। भ्रष्टाचार, अपराध और बेरोजगार मुक्त प्रदेश के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सभी वर्गों का समान विकास हमारी प्राथमिकता है। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।