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पांच साल चलेगी सरकार, जिस दिन नहीं दिलवा पाया किसानों को हक, उस दिन दे दूंगा इस्तीफा : दुष्यंत

Thu, 24 Dec 2020 06:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला। - फोटो : फाइल फोटो
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किसान आंदोलन के बाद हरियाणा की राजनीति में आए सियासी उबाल को भांपने के बाद सूबे के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने साफ कर दिया है कि हरियाणा में गठबंधन की सरकार पूरे पांच साल चलेगी। गठबंधन सरकार में इस्तीफे का दबाव होने की बात पर उन्होंने साफ किया कि हम बढ़िया सरकार स्थायित्व के साथ चला रहे हैं। प्रदेश के किसान के हित में यह सरकार पूरे पांच साल तक चलाएंगे।

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यहां पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत ने कहा कि जब प्रदेश के ऊपर कोई आंच आएगी तब मुझ पर और मेरे नौ सहयोगियों पर भी दबाव होगा। जहां तक आज के दिन किसानों के अधिकार की बात है, मैंने पहले दिन ही कहा था कि जब तक मैं यह सुनिश्चित करता हूं यहां बैठा हूं। जिस दिन मुझे लगेगा कि प्रदेश के किसानों को उनका हक नहीं दिलवा पाऊंगा किसी को मुझसे सवाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मैं खुद सरकार के पास जाकर अपना इस्तीफा दे दूंगा।


मैं मानता हूं कि कृषि कानूनों में कई संशोधन होने चाहिए। उसके लिए मैंने भी केंद्र के नेताओं को सुझाव दिए हैं। केंद्र उन सुझाव को मानने के लिए तैयार है। बातचीत से ही समस्याओं का हल निकलता है, लिहाजा किसानों को बातचीत के लिए आना चाहिए। केंद्र यदि बार-बार चर्चा के लिए बुला रहा है तो 40 संगठनों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपनी तरफ से सरकार को सुझाव दें।

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पंचायत के खाते में जाएगी दो प्रतिशत टैक्स की राशि

सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली महंगी करने के संदर्भ में दुष्यंत ने कहा है कि कृषि कनेक्शन पर किसी तरह का टैक्स नहीं है। कृषि उद्योगों पर भी टैक्स लागू नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्र में आवासीय और व्यवसायिक बिजली पर दो प्रतिशत कर होगा। वह गांव की पंचायत के खाते में सीधा जाएगा। इससे गांव का विकास होगा। इसमें किसानों के विरोध जैसी कोई बात नहीं है।

नई उद्योग नीति में श्रमिकों के लिए होगा आशियाना : चौटाला 
हरियाणा में अब औद्योगिक क्षेत्र का 10 प्रतिशत हिस्सा श्रमिकों के रहने के लिए आवासीय क्षेत्र के रूप में आरक्षित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित करने के लिए ग्रामीणों की सहमति से पंचायती भूमि को पट्टे पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह जानकारी हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दी।

उन्होंने बताया कि पांच वर्ष के लिए निर्मित इस नई नीति के तहत अगले पांच साल में पांच लाख नौकरियां पैदा करने और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है। नई नीति में निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके अंतर्गत दो लाख करोड़ रुपये का निर्यात करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि इस नीति में तीन साल के लिए मेगा और अल्ट्रा-मेगा परियोजनाओं को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1948 को छोड़कर कुछ शर्तों के अनुसार बाकी श्रमिक कानूनों से रियायत मिलेगी। ऊर्जा से संबंधित उद्योगों में फैक्टरी कानून-1948 से छूट के लिए श्रमिकों की न्यूनतम संख्या 20 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है। 

उन्होंने जानकारी दी कि नई नीति में औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और कपड़ा उद्योग को सार्वजनिक उपयोगिताओं के रूप में घोषित किया गया है। यही नहीं सामान्य उद्योगों के मामलों में फर्श क्षेत्र अनुपात (एफएआर) को सामान्य 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 150 से 200 प्रतिशत किया गया है। भंडारण के मामलों में फर्श क्षेत्र अनुपात को सामान्य 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 150 फीसदी तक किया गया है।
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