राज्यपाल आर्य से मिलते उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के विश्वविद्यालयों में अनुसंधान कार्य दोबारा शुरू करने को लेकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने राजभवन में राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश के अन्य कई विषयों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की। उपमुख्यमंत्री ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि कोरोना के चलते विश्वविद्यालयों में कृषि और पशुपालन पर हो रहे शोध कार्यों पर विपरीत असर पड़ा है।
खासकर स्नातकोत्तर और पीएचडी करने वाले शोध छात्रों के लिए प्रयोगशालाएं खुलवाना जरूरी है ताकि उनकी अब तक की रिसर्च व्यर्थ न जाए। राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि तमाम विश्वविद्यालय बंद हैं। इसके चलते सभी रिसर्च कार्य बाधित हो रहे हैं। इस विषय पर पिछले दिनों छात्र इकाई इनसो की एक बैठक बुलाकर छात्रों के साथ चर्चा की थी।
सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति राज्यपाल हैं, इसलिए विश्वविद्यालयों में बाधित हुए शोध कार्यों और कृषि, पशुपालन क्षेत्र में पड़े प्रभाव उनके संज्ञान मे लाया गया। खासकर स्नातकोत्तर और पीएचडी करने वाले शोध छात्रों को विश्वविद्यालयों में वापस लाना जरूरी है, क्योंकि बाधित शोध के कारण शोधकर्ताओं की सालों की मेहनत बेकार जा सकती है।
चौटाला ने कहा कि इस विषय पर उनकी हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के वाईस चांसलर से भी चर्चा हुई है। विश्वविद्यालयों के कैम्पस में विदेशी छात्र मौजूद हैं, लेकिन प्रदेश के छात्र गेहूं, धान, पशुधन पर शोध कर रहे थे वो लॉकडाउन की वजह से अपने-अपने घर चले गए। इसकी वजह से शोध कार्यों पर विपरीत असर पड़ रहा है।
राज्यपाल ने कहा है कि वे तमाम विश्वविद्यालयों से चर्चा कर इस पर उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं व यूनिवर्सिटी खोलने को लेकर प्रदेश सरकार कार्यक्त्रस्म बनाकर केंद्र सरकार को भेजेगी। जिसके बाद जुलाई से शुरू होने वाले अनलॉक 2 के तहत प्रदेश में विश्वविद्यालयों को खोलने पर फैसला लिया जाएगा। छात्रों की शिक्षा महत्वपूर्ण विषय है।