देश के एक दंपति ने इच्छामृत्यु मांगी है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसके पीछे की वजह पता चली तो सुनने वाले चौंक गए। मामला हरियाणा के यमुनानगर का है। विदेश भेजने के नाम पर 20 लाख की ठगी में कार्रवाई न होने से निराश दंपति ने सीएम विंडो पर शिकायत की है। साथ ही प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर इच्छामृत्यु की मांग की है।
दंपति का आरोप है कि शर्मा गार्डन निवासी दंपति ने उसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर 20 लाख रुपये ठगे हैं, लेकिन मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। न्यू हमीदा कॉलोनी निवासी संजीव कुमार से गुरुवार को अपनी पत्नी गीता रानी के साथ लघु सचिवालय में पहुंचा। यहां उन्होंने सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम अपना मांग पत्र दिया। वहीं प्रधानमंत्री को पत्र फैक्स किया।
संजीव ने बताया सीएम और पीएम को भेजी शिकायत में बताया कि वह स्टेट बैंक आफ पटियाला के सामने कपड़े की दुकान करता है। उसके बेटे आदित्य ने 12वीं कक्षा पास की थी। वह अपने बेटे को विदेश भेजना चाहते थे। उसके पड़ोस में ही शर्मा गार्डन निवासी दंपति ने भी दुकान कर रखी है। इन दोनों को पता चला कि वह बेटे को विदेश भेजने के इच्छुक हैं तो वे उसकी दुकान पर आए। दोनों ने उससे कहा कि वे उसके बेटे को ऑस्ट्रेलिया में वर्क वीजा पर भिजवा देंगे। आरोपियों ने इसपर 25-30 लाख रुपये खर्च आने की बात कही।
पैसे देने के बावजूद बेटे को विदेश नहीं भेजा
fraud for employment
दंपति ने बताया कि बातचीत के बाद 20 लाख रुपये में विदेश भेजने की बात तय हो गई। आरोप है कि, सितंबर 2016 से लेकर अप्रैल 2017 तक उन्होंने अपने घर का लोन करवाकर आरोपियों को 16 लाख रुपये नगद दे दिए। जबकि चार लाख रुपये का सोना उसने आरोपी के खाते में जमा कराया। काफी समय बीतने के बाद भी दोनों ने उसके बेटे को विदेश नहीं भेजा। संजीव ने बताया कि दोनों आरोपियों पर उसने कार्रवाई के लिए सबसे पहले बीती पांच मई को एसपी को शिकायत दी थी।
लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद उन्होंने दो जून को डीजीपी हरियाणा से मिलकर उन्हें शिकायत दी, परंतु उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। संजीव का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर वे थानों व अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। अब उनके पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को शिकायतें भेज इच्छा मृत्यु की मांग की है।
संजीव की शिकायत उनके पास आई थी। इस मामले की जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता अभी तक कोई ऐसा सबूत नहीं ला पाया, जिससे यह साबित हो सके कि उनसे 20 लाख रुपये लिए गए हैं। शिकायतकर्ता से सबूत पेश करने को कहा गया है। मामले की हर एंगल से गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप बेबुनियाद है।
- राजेश कालिया, एसपी, यमुनानगर