कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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स्वास्थ्य विभाग व स्कूल प्रबंधन की लापरवाही विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। रेवाड़ी के राजकीय बव्वा स्कूल में संक्रमित तीन छात्र 10 दिन से कक्षाओं में आ रहे थे। इससे अब स्कूल में पढ़ रहे 9वीं से लेकर 12वीं के 75 बच्चों व उनके परिवारों में भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। बता दें कि रेवाड़ी में दो नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक 98 छात्र संक्रमित पाये जा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार रेवाड़ी के बव्वा राजकीय स्कूल में दो नंवबर को विद्यार्थियों की कोरोना जांच हुई थी। स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि जांच के बाद विद्यार्थियों की तीन दिन के लिए छुट्टी कर दी गई थी लेकिन इसके बाद जब स्कूल खुला तो छात्र फिर स्कूल आने लगे। 10 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग ने मौखिक रूप से तीन विद्यार्थियों के पॉजिटिव होने की सूचना दी। प्रिसिंपल का कहना है मौखिक बताने व छुट्टी होने के चलते कोई ध्यान नहीं दिया गया।
अब 19 नवंबर की शाम को स्वास्थ्य विभाग ने लिखित रूप में तीन छात्रों के संक्रमित होने की सूचना दी है। इस पर शुक्रवार को स्कूल बंद कर सैनिटाइज किया जा रहा है। प्रिंसिपल जयभगवान गर्ग मानते हैं कि इस दौरान विद्यार्थी लगातार स्कूल आ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग ने सूचना देने में देरी की। ऐसे में संक्रमित छात्र आसपास के विद्यार्थी ही नहीं परिवार व रिश्तेदारों को भी संक्रमित कर चुके होंगे, ऐसे में अब संक्रमण फैलान वाले की जवाबदेही भी तय होना जरूरी है।