अग्निपथ स्कीम के खिलाफ हरियाणा कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन।
- फोटो : अमर उजाला
राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ और अग्निपथ योजना के विरोध में हरियाणा कांग्रेस शनिवार को राजभवन तक रोष मार्च नहीं निकाल सकी। पुलिस ने चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित कांग्रेस मुख्यालय से निकलते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोक दिया। कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई थी।
कांग्रेस नेताओं ने रोष मार्च शुरू करने के बाद कुछ दूरी पर ही रोकने को लेकर विरोध दर्ज कराया। पुलिस अधिकारियों ने हुड्डा व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान को बताया कि शहर में रोष मार्च निकालने पर रोक है। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के लिए प्रतिनिधिमंडल जा सकता है। इसके बाद पार्टी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिलने राजभवन पहुंचा।
राज्यपाल की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि को राष्ट्रपति के नाम संबोधित दोनों मुद्दों पर ज्ञापन सौंपे गए। राजभवन से लौटकर नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक की। बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। इसमें फैसला लिया गया कि 20 तारीख को पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करेगी। अगस्त में ‘विपक्ष आपके समक्ष’ कार्यक्रम यमुनानगर में आयोजित किया जाएगा।
राजनीतिक प्रतिशोध के चलते राहुल-सोनिया पर कार्रवाई
पत्रकार वार्ता में हुड्डा ने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध के चलते सरकार के इशारे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय कार्रवाई कर रहा है। पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है। अग्निपथ योजना देश हित में है और ना ही युवाओं के हित में। इसका सबसे ज्यादा नुकसान हरियाणा के युवाओं का होगा। क्योंकि, प्रदेश के युवाओं में सेना के प्रति सबसे ज्यादा रुझान देखने को मिलता है। सैन्य सुधार करने से पहले उससे प्रभावित तमाम वर्गों से विचार- विमर्श करना बेहद जरूरी है। बिना किसी ट्रायल और उसके नतीजे को परखे बिना सेना भर्ती में इतना बड़ा परिवर्तन देश की सुरक्षा के लिए चिंता पैदा करता है।
शांति और धैर्य बनाए रखें युवा: उदयभान
कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने कहा कि वन रैंक, वन पेंशन की बात करने वाली सरकार आज नो रैंक, नो पेंशन की नीति लागू कर रही है। जय जवान और जय किसान का नारा लगाने वाले देश में इस सरकार ने ना किसान को बख्शा और ना ही जवान को। उन्होंने युवाओं से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। हुड्डा व उदयभान ने अग्निपथ योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में कार्रवाई को अनावश्यक और अमानवीय करार दिया और कहा कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग का कोई केस नहीं बनता है। सिर्फ कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने के लिए सुनियोजित तरीके से इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।