इसी तरह से एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा कि कहने को सभी वरिष्ठ नेता एकजुटता का दावा करते रहे लेकिन किसी ने भी अपने समर्थकों को गंभीरता से मेहनत करने का संदेश तक नहीं दिया। ये बैठक हार के कारणों की समीक्षा करने के लिए बुलाई थी जिसके चलते मीडिया को इस बैठक से दूर रखा गया।
जिले से सवा लाख की लीड ने टिकटार्थियों के चेहरे लटकाए
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फतेहाबाद विस से 76 हजार, रतिया से 40 एवं टोहाना से 8 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा। जिले में सवा लाख वोटों की हार के बाद विस चुनावों को लेकर टिकटार्थियों के चेहरे लटक गए हैं।
कांग्रेस बैठक में मंच पर तीनों विधानसभा क्षेत्रों के टिकट के दावेदार मौजूद रहे। मंच पर फतेहाबाद विस से दावेदार दुड़ाराम, कुलबीर बैनीवाल, कृष्णा पूनियां, रतिया से राम स्वरूप रामा, मंगतराम लालवास और टोहाना से देवेंद्र सिंह बबली मौजूद रहे।
लोकसभा चुनावों के दौरान गुटबाजी से दूर रहने का संदेश देते हुए कांग्रेस नेताओं ने एकजुटता का परिचय दिया था। हुड्डा गुट के माने जाने वाले प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, रतिया से जरनैल सिंह व टोहाना से परमवीर सिंह ने भी तंवर के लिए प्रचार किया। हार के तुरंत बाद समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचकर हुड्डा गुट ने साफ कर दिया है कि अब वो तंवर के साथ कदमताल नहीं कर सकते।