गुटबाजी में बंटी कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक और नेता एसवाईएल मुद्दे पर तो एकजुट दिखे, लेकिन लंच के मौके पर फिर से राजनीति और गुट में बंट गए। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चंडीगढ़ से दिल्ली में राष्ट्रपति से मिलने के लिए एक साथ चले 13 विधायकों ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में झिलमिल ढाबे पर भोजन किया।
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वहीं कांग्रेस विधायक दल की नेता ने उनसे करीब सात किलोमीटर दूर नीलकंठ ढाबे पर जलपान किया। दोनों ही नेताओं ने एसवाईएल मुद्दे और जाट आरक्षण आंदोलन पर सरकार को फेलियर बताया, लेकिन अलग अलग ढाबों पर लंच के सवाल को वे टाल गए।
गौरतलब है कि सुबह पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस के 13 विधायक करनाल पहुंचे। ये कर्ण लेक के पास स्थित झिलमिल ढाबे पर रुके और यहीं पर उन्होंने लंच के साथ-साथ अपने विधायकों के साथ प्रदेश के हालात और आगामी रणनीति पर मंथन किया। वहीं, चंडीगढ़ से दिल्ली जाने के लिए कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी इस ढाबे पर नहीं रुकी और करीब सात किलोमीटर दूर नीलकंठ ढाबे पर रुकी और वहां पर उन्होंने जलपान किया।
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कांग्रेस के दोनों ही नेता मीडिया से अलग अलग मुखातिब हुए और दोनों ने कांग्रेस पर जमकर हमले बोले। पूर्व सीएम हुड्डा से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे सब एक हैं, कांग्रेस के सभी विधायक व सांसद शाम को दिल्ली में राष्ट्रपति से मिलेंगे, रास्ते में जाकर सभी एक काफिले में हो जाएंगे। वहीं, किरण चौधरी ने भी कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से एकजुट है।
दोनों प्रदेशों की सरकार हो बर्खास्त
हरियाणा कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला
मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि वे राष्ट्रपति से मिलकर मांग रखेंगे कि एसवाईएल मामले में हरियाणा का हक दिलाया जाए, साथ ही यह भी मांग करेंगे कि पंजाब और हरियाणा दोनों सरकारों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करके यहां पर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए। पंजाब गलत, असंवैधानिक और असामाजिक कार्य कर रहा है, इस मुद्दे पर हम सरकार के साथ हैं।
एक सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के विधायकों को छह माह के निलंबित करने का फैसला गलत है। आज तक हरियाणा के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। हुड्डा ने सरकार पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि अगर सीएम मनोहर लाल व उनकी टीम त्यागपत्र दे तो सभी कांग्रेसी त्यागपत्र देने को त्याग हैं। क्योंकि न तो प्रदेश की सुरक्षा कर पा रहे हैं और न ही प्रदेश के हकों को बरकरार रख पा रहे हैं।
इस बार होली नहीं मनाएंगे कांग्रेसी
पूर्व सीएम हुड्डा ने बताया कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व आगजनी के कारण इस बार कोई भी कांग्रेसी होली नहीं मनाएगा। जाट आरक्षण आंदोलन की दोबारा से सुगबुगाहट पर हुड्डा ने कहा कि सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए। हुड्डा ने यह भी कहा कि सरकार मानती है कि आंदोलन नेतृत्वहीन था, लेकिन मैं कहता हूं कि फिलहाल सरकार नेतृत्वहीन है। मंत्री कुछ बोल रहे हैं और सीएम कुछ।
ढाबे पर भरपेट भोजन के बाद कांग्रेसी विधायकों व अन्य नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान पीएम और सीएम पर निशाने साधे। प्रदेश जलता रहा, खट्टर सोता रहा, हरियाणा सरकार को बर्खास्त करो आदि नारे जीटी रोड पर गूंजे।
इस दौरान विधायक कुलदीप शर्मा, आनंद सिंह दांगी, रघुबीर कादियान, गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, कर्ण दलाल, जयतिर्थ दहरिया, जगबीर मलिक, श्रीकृष्ण हुड्डा, जयवीर बाल्मीकि, पूर्व विधायक बीबी बतरा, सुरेंद्र नरवाल, त्रिलोचन सिंह, ललित बुटाना समेत अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद थे।
केंद्र व प्रदेश सरकार जिम्मेदार : चौधरी
वहीं, नीलकंठ ढाबे पर कांग्रेसी नेता किरण चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एसवाईएल को पाटने का कार्य गलत है, पंजाब को ऐसा नहीं करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने राज धर्म का पालन करें। किरण चौधरी ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि हरियाणा में पिछले दिनों जो हालात हुए, उसके लिए केंद्र ओर भाजपा सरकार पूरी तरह से जिम्मेवार है।
दोनों सरकारों की विफलता और तालमेल की कमी के कारण इतने बड़े पैमाने पर हिंसा और लूटपाट हुई। इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज से करानी चाहिए। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव पंकज पूनिया, कृष्ण शर्मा बसताड़ा, बलवान सैन, किशोर नागपाल, सोनू सर्राफ, संजीव गौस्वामी, सत्यवान समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे।