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सीएम इन पंचकूला: अलग-अलग आस पर सबने मांगा विकास

Fri, 22 Apr 2016 01:45 AM IST
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, पंचकूला
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सीएम मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
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पंचकूला के विकास के लिए 24 अप्रैल को पंचकूला में प्रस्तावित मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ‘विकास रैली’ से जनता को काफी उम्मीद है। उनका एजेंडा भी अलग है। पहली बार होने वाली भाजपा की इस रैली को लेकर हर वर्ग के लोगों का ध्यान सिटी के विकास पर केंद्रित है।
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चाहे वह उद्यमी हों या फिर नौकरी पेशा और व्यापारी। सभी की मांग है कि बिजली, पानी और सड़क के साथ पंचकूला आत्मनिर्भर बन जाए। इसके लिए यहां के सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम का करना और पंचकूला में प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट को खोलने तक की प्राथमिकताओं में शामिल है।

बिजली की दरें करें कम
पंचकूला की जनता की प्राथमिक मांग है बिजली की दरों को नियंत्रित करना। रेजीडेंट्स का कहना है कि बिजली के रेट्स ज्यादा होने के कारण उनका बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। बिजली का बिल दोगुना हो गया है। इन बढ़ी हुई दरों को कंट्रोल किया जाना चाहिए। इसकी वजह से आम जनता को परेशान है ही साथ ही इंडस्ट्री का हाल बेहाल हो चुका है। प्रोडक्शन कास्ट बढ़ गई है और उसके कारण उनका प्राफिट खत्म हो चुका है।
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नीड बेस्ड चेंज की इजाजत
पंचकूला की इंडस्ट्री सीएम की पंचकूला विकास रैली से यह उम्मीद लगाए बैठी है कि सीएम साहब उद्यमियों के लिए नीड बेस्ड चेंज के लिए कोई नई सौगात देंगे। जिससे इंडस्ट्री को राहत मिल सकेगी। उद्यमियों का कहना है कि नीड बेस्ड चेंज की इजाजत न होने के कारण यहां आए दिन पेनल्टी लगाई जाती है, जिसके कारण इंडस्ट्री के लोग परेशान हो चुके हैं। 

कनेक्टिविटी है जरूरत
पंचकूला का जिस तेजी के साथ विस्तार किया जा रहा है, उसके अनुरूप यहां पर कनेक्टिविटी नहीं है। पंचकूला से सेक्टर-20, 22 से लेकर आईटी पार्क और सेक्टर-28 तक के लिए कनेक्टिविटी की सुविधाएं ज्यादा नहीं हैं। यही नहीं, पंचकूला में उद्यमियों के लिए कोई ट्रांसपोर्ट एरिया नहीं है जिससे कि वह अपना सामान आसानी के साथ दूसरे राज्यों में भेज सकें।

इन एक्ट को लागू करें
पंचकूला की जनता हरियाणा के मुख्यमंत्री से कई एक्ट को लागू करने की उम्मीद लगाए बैठी है। मसलन, हरियाणा म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, स्ट्रीट रिहैबिटेशन एक्ट, एमएसएमई एक्ट को लागू करने की मांग की गई है। जिससे आम लोगों को राहत और उद्यमियों की परेशानी भी खत्म हो सके।

अंग्रेजी स्कूल खोलें यहां
पंचकूला के रेजीडेंट्स की मांग है कि सरकारी स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम करें। पंचकूला में सिर्फ एक सरकारी अंग्रेजी स्कूल है और सभी लोग इसमें अपने बच्चों का दाखिला चाहते हैं। ऐसी स्थिति में रेजीडेंट्स की मांग है कि कम से कम तीन अंग्रेजी स्कूलों को यहां खुलवाया जाए। जिससे आम लोगों को राहत मिल सके। 

कलेक्टर रेट और एफएआर 
पंचकूला के लोगों की मांग है कि यहां के कलेक्टर रेट को कम किया जाए। जिससे प्रापर्टी की खरीद फरोख्त शुरू हो सके। इससे इंडस्ट्री को भी बूस्ट मिलेगा और आम आदमी को भी लाभ होगा। इसके साथ ही एफएआर रेसियो को बढ़ाने की मांग भी आम रेजीडेंट्स की है। पंचकूला के उद्यमियों की मांग है कि पंचकूला में टैक्स की रियायतें पड़ोसी राज्यों के अनुरूप होनी चाहिए। जिससे हेल्दी कंपटीशन हो सके।
 
राकेश गर्ग, महासचिव इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पंचकूला ने बताया कि पंचकूला में सीएम साहब की रैली से हमको काफी उम्मीद हैं। हम चाहते हैं कि बिजली की दरों को कम किया जाए और नीड बेस्ड चेंज की इजाजत दी जाए।

रमेश अग्रवाल, अध्यक्ष इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पंचकूला ने बताया कि पंचकूला में एमएसएमई एक्ट को लागू किया जाए। इसके साथ ही यहां सर्विस सेक्टर को इजाजत मिलनी चाहिए। इससे पंचकूला का इंडस्ट्रियल एरिया रोजगारोन्मुखी होगा और नए इनवेस्टमेंट भी होंगे।
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