पंचकूला में सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली
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पंचकूला की विकास रैली में जिले की जनता प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सुनने के लिए बेताब थी। क्योंकि सीएम जनता के वर्षों पुराने अधूरी मांगों की भरी गठरी लेकर पंचकूला आए थे। सेक्टर-16 अग्रवाल भवन के पीछे हजारों की तादाद में लोग बैठे थे। मंच पर आते ही उन्होंने भाजपा के दो साल के कार्यकाल में हुए कार्यों के बारे में बताया।
पंचकूला की मांगों के घोषणा से पहले उन्होंने भ्रष्टाचार की बात छेड़ दी और कहने लगे कि एक वो दिन था कि सरकार द्वारा दिए गए एक रुपये में से सिर्फ सिर्फ पंद्रह पैसे जनता को मिलते थे। अब ऐसा नहीं है, जनता के हक का सारा पैसा एकाउंट में जाता है। अगर सरकार और जनता प्रण कर लें कि भ्रष्टाचार को खत्म करना है तो खत्म होकर ही रहेगा।
सीएम बोले, नेता पैसा नहीं लेगा तो क्या अधिकारी पैसे लेंगे। इस पर जनता ने जमकर तालियां बजाईं।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से पंचकूला-अंबाला के पुलिस कमिश्नर को आवाज लगाई, बोले, अरे पुलिस कमिश्नर साहब कहां हैं। कोई पीछे से चिल्लाया वह तो नीचे हैं, फिर पूछा कि जिले के उपायुक्त कहां हैं। इतना सुनते ही मंच पर बैठे उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ उठकर खड़े हो गए। सीएम ने फिर वही सवाल दोहराया, क्या नेता पैसे नहीं लेगा तो अधिकारी लेंगे। उपायुक्त हंसकर बोले, बिल्कुल नहीं।
उसके बाद फिर उन्होंने पुलिस कमिश्नर को मंच पर बुलाया। सीएम ने पुलिस कमिश्नर के आते ही फिर सवाल दोहराया। पुलिस कमिश्नर ने कहा, सवाल ही पैदा नहीं होता। यह सुनते ही सभी हंसने लगे और रैली में उपस्थित जनता तालियां बजाने लगी। सीएम बोले, रुकिए अभी हमारी बात खत्म नहीं हुई, सीएम बोले-अगर फिर भी नहीं माने तो दूसरे तरीके भी आते हैं।