योजना के लिए लाभार्थियों की पहचान परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) माध्यम से की गई है। हैप्पी कार्ड के लिए आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और ऑनलाइन है। हरियाणा अपने राज्य परिवहन उपक्रम, यानी हरियाणा रोडवेज द्वारा संचालित सार्वजनिक परिवहन बसों में शत-प्रतिशत ई-टिकटिंग लागू करने वाला पहला बड़ा राज्य है। हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा बजट में भी की थी। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क समेत कई लोग मौजूद रहे।
कार्ड के लिए देने होंगे 50 रुपये, बाकी सरकार भरेगी
हैप्पी योजना के तहत लाभार्थियों को हर साल लगभग 500 करोड़ रुपये की वार्षिक सब्सिडी दी जाएगी। लाभार्थियों को इस कार्ड को खरीदने के लिए केवल 50 रुपये की एकमुश्त लागत का भुगतान करना होगा और बाकी कार्ड की लागत लगभग 109 रुपये सरकार भरेगी। हैप्पी कार्ड का वार्षिक रखरखाव का शुल्क 79 रुपये भी सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।