नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अविश्वास प्रस्ताव संबंधी बयान पर मनोहर लाल ने कहा कि रात में सपने देखने वाले व्यक्ति के सपने तो पूरे हो भी सकते हैं लेकिन अगर कोई दिन के समय सपने देखे तो कैसे पूरे होंगे। हुड्डा को सत्ता से बाहर होने की छटपटाहट है। यह बौखलाहट दिखाई दे रही है।
26 जनवरी लोकतंत्र का पर्व है
मनोहर लाल ने 26 जनवरी को निकाले जा रहे ट्रैक्टर मार्च को लेकर कहा है कि 26 को किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। यह दिन राष्ट्र गौरव का दिन है। इस दिन पर सभी को गौरवान्वित होना चाहिए कि हमारा संविधान लिखा गया था। ऐसे दिन पर विरोध करना उचित नहीं है।
शुरुआत में विरोध होता है
सीएम ने कहा कि शुरुआत में विरोध भले ही हो रहा हो लेकिन बाद में पता चलेगा कि यह फैसला किसानों के हक में है। एक ही ढर्रे पर चलते रहेंगे तो काम नहीं चलेगा। व्यवस्था में बदलाव से ही आगे बढ़ते हैं। अगर बदलाव नहीं होता तो आज भी हम पुरानी गाड़ियों पर चलते लेकिन आज हमारे सामने कई विकल्प हैं। नई गाड़ियां बाजार में हैं। किसानों को भी इस कानून के फायदे बाद में पता चलेंगे।