तीन साल में तीन बैठकें, नतीजा जीरो
पहली बैठक 18 अगस्त 2020 को पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल में बैठक हुई। कैप्टन ने दलील दी थी कि यदि उनके राज्य ने पानी साझा किया तो पंजाब जल उठेगा।
14 अक्तूबर 2022 और चार जनवरी 2023 को पंजाब के सीएम भगवंत मान और सीएम मनोहर लाल के बीच बैठक हुई। मान ने बातचीत को आगे बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कहते रहे कि पंजाब के पास खेती के लिए पानी नहीं है तो दूसरे राज्य को पानी कैसे देंगे। मनोहर लाल की दलील रही कि पंजाब सरकार नहर का निर्माण करें। पानी पर चर्चा बाद में कर लेंगे।
राज्य का पक्ष दृढ़ता से उठाएंगे, देने के लिए एक बूंद पानी नहीं: मान
भगवंत मान ने एसवाईएल के मुद्दे पर कहा कि पंजाब के पास अन्य राज्यों को देने के लिए पानी की एक बूंद भी नहीं है। वह एसवाईएल के मुद्दे पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री की बैठक में जरूर शामिल होंगे। बैठक में राज्य का मामला दृढ़ता से केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगे। मख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी से नहीं डरते और राज्य का यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष ठोस रूप में पेश करेंगे। न तो उन्होंने एसवाईएल के बारे में सर्वे की मांग की थी और न ही वह इस नहर के चांदी की कस्सी के साथ नींव पत्थर रखने संबंधी समारोह में शामिल थे। इसलिए वह राज्य के हितों की पुरजोर वकालत करेंगे।