देश भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान पर उंगली उठाने वाले सियासी दलों को दो टूक जवाब देने के लिए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने बड़ा दांव चला है। इस अभियान से मोदी का सपना पूरा कर मनोहर अपनी छवि चमकाएंगे।
हरियाणा में मोदी की रैली के बाद से राज्य सरकार के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। लिहाजा मुख्यमंत्री सचिवालय में अलग से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सचिवालय स्थापित किया जाएगा। मामले को लेकर सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की तरह कंसलटेंट नियुक्त कर दिए हैं।
राज्य में प्रत्येक साल करीब 33 हजार बेटियां कोख में ही खत्म हो जाती हैं। इस दंश से उबरने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी तय कर दी है। इन तीनों विभागों के पास न सिर्फ बेटियों को बचाने, बल्कि उन्हें पढ़ाने की भी जिम्मेदारी रहेगी। राज्य सरकार की प्राथमिकता अब यही अभियान होगा।
हरियाणा सरकार केंद्र सरकार के नियमों से इतर हरियाणा के लिए अलग से गाइड लाइन बनाकर इस कार्यक्रम को सिरे चढ़ाएगी। यह काम इस सप्ताह हो जाएगा। तीन सप्ताह बाद यह दिखना शुरू हो जाएगा कि जिले स्तर पर इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए क्या काम किया जा रहा है।