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हरियाणा: खट्टर सरकार के सौ दिन, 6 खास बातें

Tue, 03 Feb 2015 02:59 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने सोमवार को सौ दिन का कार्यकाल पूरा कर लिया। इस दौरान सरकार जहां अपनी उपलब्धियां गिनाने लगी है। वहीं विपक्ष ने सरकार पर कामकाज की धीमी रफ्तार का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है।
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इस कार्यकाल में जहां सरकार ने हुड्डा सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को पलटा, वहीं अधिकारियों का तबादला करके भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का प्रयास भी किया।

सरकार ने नई खेल नीति तैयार कर खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं जुटाने का मार्ग प्रशस्त किया। हरियाणा सरकार अपने 100 दिन के कार्यकाल पर एक बुकलेट भी तैयार कर रही है।
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अधिकतर योजनाओं की घोषणा हुई

सरकार के इस कार्यकाल में अधिकतर योजनाओं की घोषणाएं हुई हैं, जिन्हें अमलीजामा अगले दिनों में पहनाया जाएगा। मुख्यमंत्री खट्टर ने सभी 21 जिलों में खुला दरबार लगाकर जनता से जुड़ाव दिखाया लेकिन कर्मचारी वर्ग सेवानिवृत्ति की आयु सीमा कम करने और पंजाब के सामान वेतनमान नहीं दिए जाने से नाराज है।

लगातार हो रहे तबादलों से भी कर्मचारियों में रोष बढ़ा है। सरकार ने प्रदेश में योग को बढ़ावा देने के लिए बाबा रामदेव को प्रदेश का ब्रांड अंबेसडर बनाया है और शिक्षा मंत्री अगले सत्र से गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रहे हैं।

फिर भी सौ दिन के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में कोई नई भरती नहीं होने से युवा वर्ग नाराज है। किसान भी यूरिया की किल्लत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने लगे हैं।

100 दिन में यह नया हुआ

खट्टर सरकार ने सौ दिन के दौरान व्यवस्था को हाईटैक करने की तरफ ज्यादा ध्यान दिया है। जिलों से शिकायतों को भेजने के लिए सीएम विंडो और ऑनलाइन एफआईआर के लिए ‘हरसमय’ पोर्टल की शुरुआत की गई है।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की शुरुआत भी सरकार की उपलब्धि कही जा सकती है। इनके साथ ही सरकार ने खर्चो में कटौती का भी प्रयास किया है।

कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए सी-कैटगरी की भरती में 10 प्रतिशत नंबर ही इंटरव्यू के रखे गए हैं। इसके साथ ही लोगों के लिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने में पहले के मुकाबले में आसानी हुई है। इस अवधि के दौरान मुख्यमंत्री के अलावा पूरी कैबिनेट प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिली।

सरकार की योजनाओं के लिए  के लिए लोगों से सुझाव मांगने की योजना को लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने आधा दर्जन से ज्यादा कैबिनेट की बैठकें भी की हैं।

संत रामपाल की गिरफ्तारी का विवाद भी बगैर शांतिपूर्ण तरीके से निपटाकर पुख्ता कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया गया है। हालांकि भूमाफिया के दबाव में गुड़गांव के कमिश्नर प्रदीप कासनी को पद से हटाने का आरोप सरकार पर लगा है।

यह है सरकार का दावा

- मुख्यमंत्री खट्टर ने सभी 21 जिलों में लगाया खुला दरबार
- अगले सत्र से स्कूली पाठ्यक्रम में गीता को शामिल किया
- खेलों और खिलाड़ियों के लिए नई खेल नीति बनाई
- प्रदेश में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान किया शुरू
- जिलों से शिकायतें भेजने के लिए सीएम विंडो शुरू की
- आनलाइन एफआईआर दर्ज कराने के लिए ‘हरसमय पोर्टल’

विपक्ष ने गिनाई कमियां, लगाया आरोप

- कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र घटा दी
- पंजाब के समान वेतनमान न देकर वादे से मुकरी सरकार
- लगातार तबादलों से कर्मचारियों को मुश्किल में डाला
- सरकार का भगवाकरण, संघ की राय से चल रही सरकार
- भरतियां बंद होने से बेरोजगार युवा वर्ग नाराज
- भूमाफिया के दबाव में गुड़गांव के कमिश्नर को हटाया
- प्रदेश में यूरिया के लिए किसानों में हाहाकार मचा रहा
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ये कहना है विपक्षियों का

मैं सरकार के 100 दिन के कार्यकाल को 0 नंबर देता हूं। इस सरकार ने जनादेश का अपमान और विश्वासघात किया है। घोषणा पत्र में किए गए किसी भी वादे को पूरा नहीं किया। पिछली सरकार ने जनहित में जो फैसले लिए थे, उन्हें पलटकर लोगों को दुखी किया गया है। इस कार्यकाल में एक भी युवा को नौकरी नहीं मिली। सरकार का कोई नया काम कहीं भी धरातल पर नजर नहीं आ रहा।
अशोक तंवर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, हरियाणा

मैं इस सरकार को 10 में से मात्र 2 नंबर देता हूं। सरकार पूरी तरह से विफल रही है। किसानों को अपनी औरतों को यूरिया के लिए लाइन में खड़ा करना पड़ा। सिर्फ लोगों को ध्यान दूसरी तरफ लगाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। जो खेल नीति बनाई है, उसमें कुछ भी नया नहीं है।
अभय सिंह चौटाला, इनेलो के वरिष्ठ नेता

पिछले 15 साल की सरकारें भय और भष्ट्राचार के नाम से जानी जाती थी लेकिन भाजपा के 100 दिन के कार्यकाल में हरियाणा के लोगों को भय और भष्ट्राचार मुक्त प्रशासन मिला है। लोगों और मुख्यमंत्री के बीच दूरी कम करने के लिए सीएम पब्लिक विंडो शुरू हुई है। सरकारी विभागों के भ्रष्टाचार को रोकने केलिए ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू की गई है। इस समय प्रदेश के हर वर्ग के विकास के बारे मे योजनाएं बनाई जा रही हैं।
जवाहर यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी
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