चौटाला ने कहा कि बजट में विभिन्न प्रकार के अनुप्रयोगों के माध्यम से ‘ड्रोन शक्ति’ की सुविधा प्रदान करने और ड्रोन-एएस-ए-सर्विस (डीआरएएएस) के लिए स्टार्टअप को बढ़ावा देने की बात कही गई है, इससे हरियाणा को काफी लाभ होने की उम्मीद है। बजट में आपातकालीन ऋण लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 130 लाख से भी अधिक एमएसएमई को अत्यंत आवश्यक अतिरिक्त ऋण मुहैया कराया गया है।
ईसीएलजीएस की अवधि मार्च 2023 तक बढ़ा दी गई है। उपमुख्यमंत्री ने ‘कौशल विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ देने पर बल देने का स्वागत किया और कहा कि इससे विभिन्न अनुप्रयोगों के जरिए ‘ड्रोन शक्ति’ को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ ‘एक सेवा के रूप में ड्रोन (डीआरएएएस)’ के लिए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पीपीपी मोड के जरिए चार स्थानों पर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क बनाने तथा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के लिए 100 पीएम गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल स्थापित करने के लिए बनाए गए प्लान का भी स्वागत किया।
केंद्रीय बजट एक व्यापक और प्रगतिशील बजट है। हम इसे एक संपूर्ण विकासशील बजट कह सकते है। 5 लाख करोड़ रुपये के साथ ईसीजीएल योजना के विस्तार, पीएलआई योजना को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने सहित कई नई घोषणाओं से न केवल छोटी विनिर्माण इकाइयों को लाभ होगा, बल्कि व्यापारिक क्षेत्र का भी लाभ होगा क्योंकि विनिर्माण सामान और उपभोग योग्य आय में वृद्धि से अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचेगा और व्यापार क्षेत्र में वित्तीय तरलता बढ़ने की बड़ी संभावनाएं मौजूद रहेंगी। विजय लक्ष्मी चन्द गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल।
किसान आंदोलन के चलते बजट किसानों पर केंद्रित: दिग्विजय चौटाला
जेजेपी के प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला ने कहा कि पहली नजर में इसे कृषि के आसपास का बजट माना जाएगा। बजट को किसानों पर केंद्रित रखा गया है इसकी वजह किसानों का आंदोलन है। चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में 60 लाख जॉब का लक्ष्य रखा है। विपक्ष पर सवाल उठाते हुए चौटाला ने कहा कि कांग्रेस की हालत बहुत खस्ता है, 5 राज्यों में चुनाव है पंजाब से कांग्रेस जा रही है। हरियाणा में छात्रसंघ के चुनाव डायरेक्ट करवाने की मांग को लेकर जल्द इनसो का प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के राज्यपाल से मुलाकात करेगा।
युवाओं के लिए बेरोजगार बजट: जयहिंद
नवीन जयहिंद ने बजट को बेरोजगार बजट बताते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। जयहिंद ने कहा कि पिछले साल पारित बजट में कही गई बातें कितनी पूरी हैं और कितनी अधर में लटकी पड़ी हैं, पूरे बजट में कहीं कोई जिक्र नहीं। हर साल एक करोड़ रोजगार का जुमला छोड़ने वाली सरकार अब खुद बता रही है कि 60 लाख रोजगार दे सकी है। लगभग आठ साल में सरकार न तो भ्रष्टाचार खत्म कर पाई हो न ही बेरोजगारी खत्म कर पाई है। बेरोजगारी आज के दिन युवाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है लेकिन बजट में युवाओं के लिए झूठे ढकोसलों के अलावा कुछ नहीं है।