दो दिन से चल रही हरियाणा रोडवेज की हड़ताल कर्मियों पर ही भारी पड़ गई है, क्योंकि सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई कठोर फैसले ले लिए हैं। कई ड्राइवरों, कर्मियों और अधिकारियों पर गाज गिर गई है।
सीएम खट्टर द्वारा जारी निर्देशानुसार, 100 प्रोबेशनर चालकों और परिचालकों की सेवाएं खत्म हो गई हैं। वहीं आउटसोर्सिंग कर्मियों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे हड़ताल में शामिल होंगे, तो उनकी छुट्टी कर दी जाएगी। 930 परिचालकों व 500 नए चालकों के पद भरने के लिए आऊटसोर्सिंग पोलिसी-॥ के तहत भर्ती की जाएगी।
सरकार हरियाणा रोडवेज को कारपोरेशन बनाने की तैयारी में भी है। परिवहन विभाग के एसीएस ने की इसकी पुष्टि की है। कर्मचारियों के लापरवाह रवैये पर अंकुश लगाने व घाटे से बाहर आने के लिए इस प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।