भोजन का अधिकार कानून के तहत सब लाभपात्रों की सूची अगले महीने तक तैयार कर ली जाए। सूबे के सब लाभपात्रों को एक जुलाई, 2014 से खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर महीने खाद्य एवं आपूर्ति विभआग चीनी, दाल, मोटा अनाज एक साथ देना सुनिश्चित करे। ये निर्देश मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भोजन का अधिकार अधिनियम लागू करने के संबंध में बुलाई समीक्षा बैठक में दिए।
गौरतलब है कि 17 अप्रैल के अंक में अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी कि प्रदेश के 40 लाख लोगों को भोजन का अधिकार अधिनियम के तहत सस्ता अनाज नहीं मिल पाया है क्योंकि पात्रता सूची अब तक तैयार नहीं हुई है।
सरकारी प्रवक्ता ने प्रेस बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि सूबे के हर लाभार्थी को इस योजना के तहत अनाज मिलना चाहिए। कोई भी लाभार्थी इस अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि हर महीने की 10 तारीख तक अनाज का आवंटन हो जाना चाहिए। इस संबंध में हिदायतें जारी कर दी जाएं।
बैठक में मुख्य सचिव एससी चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों, डॉ. केके खंडेलवाल, उपप्रधान सचिव आरएस दून, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव नवराज संधू, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक अरुण कुमार गुप्ता और अन्य अफसर मौजूद थे।
उधर, बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में 1.26 करोड़ लोगों को भोजन का अधिकार अधिनियम के तहत सस्ता अनाज मिलना है। अब तक 1.13 करोड़ लोगों को सस्ता अनाज मिलने लग गया है। फिलहाल सारे लाभपात्रों की सूची तैयार नहीं हो पाई है।
उन्होंने अफसरों से कहा कि अगले महीने की 30 तारीख तक यह सूची तैयार कर ली जाए। सीएम ने बताया कि जिन परिवारों को दाल दी जाती है, उन्हें अप्रैल और मई की दाल एक साथ मई में दी जाएगी।
मगर हरियाणा में 1.55 करोड़ लोगों ने कर दिया है आवेदन
केंद्र ने हरियाणा के लिए तय किया है कि भोजन का अधिकार अधिनियम के तहत 1.26 करोड़ लोगों को सस्ता अनाज दिया जाना है मगर हरियाणा सरकार ने जो शर्तें तय की हैं, उनके अनुसार 1.55 करोड़ लोगों ने खुद को पात्र समझते हुए आवेदन कर दिया है। मगर सरकार वेरीफिकेशन नहीं कर पा रही है। इस तरह करीब 42 लाख लोगों को सस्ता अनाज नहीं मिल पा रहा है। यह अलग बात है कि प्रदेश सरकार गत एक जनवरी से केंद्र से 1.26 करोड़ लोगों का पूरा अनाज ले रही है।