निकाय चुनावों के लेकर भाजपा का संकल्प पत्र जारी करने वाले निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता अपने ही जिलों में दोनों स्थानों पर भाजपा को जीत नहीं दिला पाए। हांसी में भाजपा दूसरे और बरवाला में जजपा को दूसरे स्थान पर रहकर हार का सामना करना पड़ा।
टोहाना में जजपा के रमेश चंद्र दूसरे स्थान पर रहे, जबकि यहां से देवेंद्र सिंह बबली पंचायत मंत्री हैं। यहीं से भाजपा के पूर्व विधायक और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला भी हैं, लेकिन गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार, शाहबाद में सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक सलाहकार कृष्ण बेदी के बेटे को हार का सामना करना पड़ा। यहां जजपा विधायक रामकरण काला के समर्थक ने जीत दर्ज की है। रतिया में भाजपा तीसरे स्थान पर रही। भाजपा के विधायक लक्षण हैं। भिवानी में भाजपा तीसरे स्थान पर रही और भाजपा के विधायक घनश्याम सर्राफ मतदाताओं को नहीं लुभा पाए।
हुड्डा और कांग्रेस के विधायक भी नहीं दिला पाए समर्थकों को जीत
इसी प्रकार कांग्रेस की बात करें तो खुद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने गढ़ महम, झज्जर, बहादुरगढ़, गोहाना में समर्थित प्रत्याशियों को जीत की दहलीज तक नहीं ला पाए। इसी तरह नूंह जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं, लेकिन यहां तीनों सीटों फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना और नूंह में कांग्रेस समर्थकों को हार झेलनी पड़ी।
रणदीप सुरजेवाला के कैथल और नरवाना में उम्मीदवार थे, लेकिन जीत नहीं पाए। असंध में विधायक शमशेर गोगी ने राजेंद्र सिंह को खड़ा किया था, लेकिन पूर्व विधायक जिलेराम शर्मा के समर्थक सतीश कटारिया को यहां जीत मिली।