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हरियाणाः सीएम ने आलाकमान की मंजूरी के बाद बदला सीआईडी विभाग और खत्म हो गई खींचतान

Fri, 24 Jan 2020 10:31 AM IST
खुशबू गोयल प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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हरियाणा में लंबे समय से चल रही सीआईडी की खींचतान पार्टी आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद थम गई है। बुधवार रातोंरात सीएमओ के अफसरों ने राज्यपाल के हस्ताक्षर करवा सीआईडी का महकमा मुख्यमंत्री मनेाहर लाल के खाते में डाल दिया है। यही नहीं मनोहर लाल ने बुधवार को ही दिल्ली में आलाकमान को इस बाबत सूचित भी कर दिया है।
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आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद सीआईडी लेने से पहले विज के महकमों में बैलेंस बनाने का काम किया गया। उसी के तहत वी उमाशंकर का तबादला किया गया। एनएचएम में निदेशक लगाया गया और डाक्टर भर्ती शुरू करने पर सहमति जताई गई। शाम के समय सीआईडी एसपी राजेश कालिया ने विज के कमरे में जाकर अनिल विज को सीआईडी से संबंधित ब्रीफिंग की।

यह भी पढ़ें: सीएम मनोहर लाल और दो मंत्रियों को मिले नए विभाग, गृह मंत्री अनिल विज से छिना सीआईडी
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अनिल विज अब इस पूरे मामले में ठंडे पड़ गए हैं। उन्होंने कहा है कि सीआईडी की ब्रीफिंग उन्हें शुरू हो गई। जो कि उनके लिए आवश्यक थी। चूंकि मैं गृह मंत्री हूं, इसलिए सीआईडी की ब्रीफिंग मेरे लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैने शुरू से कहा है कि सीएम सुप्रीम हैं। मेरा सीएम से कोई विरोध नहीं। वे जब चाहें महकमा ले या दे सकते हैं। मेरा विरोध सिर्फ अफसरों के लिए था। अब ब्रीफिंग शुरू हो गई है तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है।
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रात के अंधेरे में क्यों बदला दिन के उजाले में बदलते

अनिल विज ने इस पूरे मामले में एक तंज कसा है। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में विभाग बदलने की आवश्यकता क्या थी। बदलना ही था तो दिन के उजाले में बदलते। मालूम हो कि रात के करीब 12 बजे यह सूचना उजागर हुई कि सीआईडी मुख्यमंत्री के पास आ गया है। जिसके बाद मीडिया में हलचल हुई।

अनिल विज बिना नाक कान के मंत्री
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुडडा ने कहा है कि अनिल विज ने बयान दिया था कि सीआईडी गृह विभाग में न होने का मतलब है कि नाक कान न होना। अब उनसे सीआईडी छिनने के बाद साफ हो गया है कि वे सिर्फ हाथ पैर वाले मंत्री रह गए हैं। नाक कान जा चुका है। ऐसे में वे क्या काम करेेंगे और जनता का कितना भला करेंगे।

आलाकमान तक पहुंची रिपोर्ट
हरियाणा में लंबे समय से चल रहे इस विवाद की रिपोर्ट भी अपने स्तर पर मुख्यमंत्री और अनिल विज ने आलाकमान को भी दे दी है। इसके बाद कोई विवाद न हो उसके लिए भी आलाकमान की ओर से इशारा कर दिया गया है। शहरी स्थानीय निकाय की बैठकों में भी अनिल विज जल्द ही शिरकत करते हुए नजर आएंगे।

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