हरियाणा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के कामकाज की फिजिकल वेरीफिकेशन शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के पास सरकार के काम-काज का सीधा फीडबैक जाना शुरू हो गया है। सीआईडी की गोपनीय रिपोर्ट के माध्यम से भी गठबंधन सरकार का फीडबैक सीएम मनोहर लाल के पास पहुंच रहा है।
इस कड़ी में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कुछ विभागों में अधिकारियों ने अपनी मनमानी शुरू कर दी है, जिसमें आबकारी एवं कराधान विभाग पहले नंबर पर है। इसके अलावा पंचायत विभाग, ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग की रिपोर्ट भी सही नहीं है। यहां भी अधिकारियों ने मनमानी शुरू कर दी है।
संयोग यह है कि उपरोक्त सभी विभाग उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पास हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं की शिकायत भी उचित है। ताजा उदाहरण अंबाला में घटे घटनाक्रम का है, जिसने सरकार को हतप्रभ कर दिया है। अंबाला शहर में आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी ऐसे कपड़ा व्यवसायियों के यहां पहुंच गए जो भाजपा और संघ से सीधे तौर पर जुडे़ हैं।
भाजपा के विधायक को जब यह जानकारी मिली तो वे भी मौके पर पहुंच गए और अधिकारियों के साथ उनकी हॅाट टाक भी हुई। अब सरकार ने इस मामले में तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जिसमें दो ईटीओ और एक एईटीसी शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना यह है
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों का यह कहना है कि जिन अधिकारियों पर गाज गिरी है। वे बिना पूरी तैयारी के कपड़ा व्यवसायियों के कागज जांचने पहुंच गए थे। जांच में यह सामने आया है कि जो टीम अंबाला गई थी उसने प्रोसीजर फालो नहीं किया था। उनके पास जो आंकड़े थे वे भी सही नहीं थे। यह पूरा घटनाक्रम विभाग के प्रधान सचिव की ज्वाइनिंग से एक दिन पहले घटा।