गैरकानूनी धर्मांतरण रोकथाम विधेयक इसलिए जरूरी
- गलत बयानी, बल, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी कपटपूर्ण तरीके से शादी कर धर्मांतरण किया जा रहा
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 255, 26, 27 और 28 के तहत धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी दी गई है। यह भारत के सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है।
- संविधान के अनुसार राज्य का कोई धर्म नहीं है। राज्य के सामने सभी धर्म समान हैं और किसी भी धर्म को दूसरे पर वरीयता नहीं दी जाएगी। नागरिक अपनी पसंद के किसी भी धर्म को अपनाने और प्रचार करने के लिए स्वतंत्र हैं।
- सामूहिक और व्यक्तिगत दोनों तरह के धर्मांतरण के कई मामले सामने आए हैं। अन्य धर्मों के कमजोर वर्गों को परिवर्तित करने के लिए एक छिपे हुए एजेंडे के साथ छद्म सामाजिक संगठनों की उपस्थिति है। जब भोले-भाले लोगों का प्रलोभन देकर या अनुचित प्रभाव में धर्मांतरण कर दिया गया।
- सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसे मामलों का न्यायिक नोटिस लिया है। इस तरह की घटनाएं न केवल धर्मांतरित व्यक्तियों की धर्म की स्वतंत्रता का उल्लंघन करती हैं, बल्कि समाज के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के खिलाफ हैं।
- जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सजा व अधिक दंड का प्रावधान जरूरी है।
- एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित होने वाला प्रत्येक व्यक्ति निर्धारित अधिकारी के सामने घोषणा करेगा कि धर्म परिवर्तन गलत बयान, बल प्रयोग, धमकी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या किसी कपटपूर्ण तरीके से नहीं किया गया है। यह विवाह द्वारा या विवाह के लिए भी नहीं था।
- नियुक्त जांच अधिकारी ऐसे मामलों की जांच करेंगे। अगर धर्मांतरण शादी के लिए करवाया गया है तो ऐसे विवाहों को अमान्य घोषित किया जा सकेगा। नए कानून में इसका प्रावधान होगा।
विधानसभा में विधेयक के जरिये ये कानून होंगे खत्म
मंत्रिमंडल बैठक में निरसन विधेयक, 2021 के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। विधेयक को अब विधानसभा में सदन पटल पर पारित करने के लिए रखा जाएगा। इसके तहत 20 अधिनियम निरस्त किए जाएंगे। ये पुराने हैं और अब उपयोग में नहीं हैं। विभागीय समिति ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विभिन्न पुराने एवं अप्रचलित अधिनियमों को निरस्त करने के संबंध में अपनी रिपोर्ट दी है। इनमें पंजाब नदी सीमा अधिनियम 1899, सरकारी भूमि का उपनिवेशीकरण (पंजाब)अधिनियम 1912, पंजाब जिला बोर्ड (कर सत्यापन) अधिनियम1927, पंजाब कर्ज माफी अधिनियम1934, पंजाब कॉपिंग फीस अधिनियम1936, पंजाब रिस्टिट्यूशन ऑफ मोर्गेज्ड लैंड्स एक्ट1938, पंजाब जागीर अधिनियम 1941, पूर्वी पंजाब स्थानीय प्राधिकरण (कार्यों के प्रतिबंध) अधिनियम 1947, पूर्वी पंजाब सीमा विस्तार अधिनियम 1947, पूर्वी पंजाब शरणार्थी पुनर्वास (ऋण एवं अनुदान) अधिनियम 1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी (दावों का पंजीकरण) अधिनियम 1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी पुनर्वास (भवन एवं भवन स्थल) अधिनियम 1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी पुनर्वास (गृह निर्माण ऋण)अधिनियम1948, पूर्वी पंजाब शरणार्थी भूमि दावों का पंजीकरण अधिनियम 1948, पंजाब जिला बोर्ड (कर सत्यापन) अधिनियम 1955, पंजाब भू राजस्व (विशेष मूल्यांकन) अधिनियम 1955, पंजाब भूदान यज्ञ अधिनियम 1955, अंबाला जिला बोर्ड कर सत्यापन अधिनियम 1956, पंजाब जागीर बहाली अधिनियम,1957 और पंजाब भू राजस्व विशेष मूल्यांकन (छूट) अधिनियम, 1962 शामिल हैं।