हरियाणा रोडवेज के 8853 चालक, परिचालक रेगुलर होंगे। ये वे चालक-परिचालक हैं जो एक जनवरी, 2003 और उसके बाद भर्ती हुए। उन्हें एक जनवरी, 2014 से रेगुलर वेतनमान मिलेगा। इसमें यह शर्त लगाई गई है कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में उन्हें शपथपत्र देना होगा। यह फैसला मंगलवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने पत्रकारों को बताया कि हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप सी) हरियाणा रोडवेज़ सेवा (संशोधन) नियम, 2003 के तहत इन चालकों और परिचालकों को एक जनवरी, 2014 से नियमित वेतनमान दिया जाएगा।
5200 कर्मचारियों ने शपथ पत्र दे दिया है
सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में अब तक 5200 कर्मचारियों ने शपथ पत्र दे दिया है। इसलिए इस समय 5200 कर्मचारियों को रेगुलर होने और रेगुलर वेतनमान का फायदा मिलेगा। अब रोडवेज कर्मचारियों को एक जनवरी, 2014 से नियमित वेतनमान यह मानकर दिया जाएगा कि जैसे वे नौकरी शुरू करने पर ही नियमित वेतन में काम कर रहे हैं।
यानी नौकरी शुरू करने के दिन से नियमित वेतनमान, हर वर्ष वेतन बढ़ोतरी और उसके आधार पर 1 जनवरी, 2014 को वेतन की गणना की जाएगी। इस गणना के आधार पर वेतनमान मिलेगा। कर्मचारियों को 31 दिसंबर, 2013 तक का एरियर नहीं मिलेगा।
हाईकोर्ट ने नियुक्ति वाले दिन से रेगुलर करने को कहा था
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग के उन नियमों को रद्द कर दिया था जिनके तहत इन चालकों, परिचालकों को पारदर्शी तरीके से चयनित होने के बावजूद पांच साल बाद रेगुलर वेतनमान दिया जाता था। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि जिस दिन जिस कर्मचारी की नियुक्ति हुई थी, उस दिन से उसे रेगुलर वेतनमान दिया जाए और जिस दिन वे हाईकोर्ट में पहुंचे थे उससे 29 महीने पीछे का एरियर दिया जाए।
हरियाणा सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई और वहां से रोक लग गई। कर्मचारियों की हड़ताल के बाद संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सुरजेवाला की अध्यक्षता वाली कमेटी के साथ कर्मचारियों ने समझौता किया था कि वे 31 दिसंबर, 2013 तक का एरियर नहीं लेंगे। एक जनवरी, 2014 से उन्हें वह वेतनमान दिया जाए जो नियुक्ति का तारीख से बनता है। समझौते के अनुसार कर्मचारियों को शपथ पत्र देना था कि वे एरियर नहीं लेंगे।
2003 से 2006 तक वालों को पेंशन का भी फायदा होगा
कर्मचारी नेता हरिनारायण शर्मा ने बताया कि हालांकि 2003 में नियुक्त हुए कर्मचारी पहले ही रेगुलर हो चुके हैं मगर उन्हें न केवल पुरानी पेंशन स्कीम का फायदा होगा बल्कि उन्हें 2003 से लेकर उनके रेगुलर होने वाले दिन तक का रेगुलर वेतनमान मिलेगा।
सबसे ज्यादा फायदा वेतनमान का होगा। उन्होंने कहा कि चूंकि 2006 में नई पेंशन स्कीम लागू हुई है, इसलिए 2006 से पहले वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम का फायदा होगा।
कर्मचारी नेताओं हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, दलबीर नेहरा, आजाद गिल, रमेश सैनी, दिलबाग गिल, जगमोहन अंतिल, बलवान सिंह ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक से बाहर निकले मुख्यमंत्री का मौके पर ही आभार व्यक्त कर दिया। शर्मा ने कहा कि यह कर्मचारी हित का फैसला है।