कमल गुप्ता संघ के साथ ही प्रदेश भाजपा नेतृत्व की भी पसंद हैं। उनका मुखर वक्ता होना पक्ष में गया। जजपा की तरफ से देवेंद्र बबली के अलावा विधायक रामकुमार गौतम, अमरजीत ढांडा व ईश्वर सिंह का नाम चर्चा में रहा। ईश्वर सिंह के बेटे को जजपा कोटे से चेयरमैन बनाया जा चुका है। ढांडा व गौतम पद की दौड़ में पिछड़ गए। जोगी राम सिहाग को सरकार चेयरमैन बना चुकी है लेकिन किसान आंदोलन के कारण उन्होंने पद नहीं स्वीकारा था।
कमल गुप्ता का कुछ भी बोलने से इंकार
डॉ. कमल गुप्ता ने मंत्री बनने को लेकर कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि सूचनाएं आती-जाती रहती हैं, जब तक शपथ न हो जाए कुछ नहीं कहना।
विस्तार के साथ ही विभागों में होगा फेरबदल
नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ ही अन्य मंत्रियों के विभागों में थोड़ा-बहुत फेरबदल होगा। भाजपा कोटे के मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगे। भाजपा कोटे से बनने वाले कैबिनेट मंत्री को बड़ा विभाग मिल सकता है। जजपा कोटे से बनने वाले मंत्री को उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के विभागों में से ही एक-दो विभाग दिए जाने की चर्चाएं हैं।
डॉ. कमल गुप्ता: पिता मनफूल सिंह। 2014, 2019 में हिसार विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। पेशे से डॉक्टर। पोस्ट ग्रेजुएट हैं, एमडीयू रोहतक के मेडिकल कॉलेज से 1980 में मास्टर ऑफ सर्जरी की। हिसार में जन्म, उम्र 67 वर्ष। 2012 में हिसार जिला भाजपा अध्यक्ष बने। 1996 में भाजपा टिकट पर पहला चुनाव लड़ा। तीसरे स्थान पर रहे। 2014 में कांग्रेस की सावित्री जिंदल को 13646 मतों से हराया। 2019 में कांग्रेस के रामनिवास को हराकर विस पहुंचे।
देवेंद्र बबली: पिता दिलबाग सिंह। पेशे से बिजनेसमैन। बारहवीं पास हैं। आईजी कॉलेज टोहाना से परीक्षा पास की। भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व विधायक सुभाष बराला को हराकर पहली बार विधायक बने। कांग्रेस नेता रहे। टिकट न मिलने पर जजपा का दामन थामा और टिकट लेकर चुनाव में 52302 मतों से जीत दर्ज की। प्रदेश में 2019 के चुनाव में जीत का दूसरा बड़ा अंतर। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर के करीबी रहे।