हरियाणा में कारोबार अब और आसान होगा। कारोबार को मजबूती प्रदान करने के लिए मंत्रिमंडल ने हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक 2020 को स्वीकृति दी है। कारोबार करने की लागत के साथ-साथ स्थापना में देरी कम करने के लिए कारोबारी सुगमता वैश्विक मानकों से भी बेहतर करने।के लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 और अन्य नियम लागू हैं। संशोधन से केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार प्रोत्साहन विभाग के राज्यों की रैंकिंग के मूल्यांकन में हरियाणा की संभावनाओं पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
नए उद्योगों को 3 साल तक फैक्ट्री एक्ट में मिलेगी छूट
हरियाणा में नए उद्योगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। नए उद्योगों पर एक हजार दिन की अवधि के लिए फैक्ट्री अधिनियम लागू नहीं होगा। सरकार ने फैक्ट्री अधिनियम 1948 के कुछ प्रावधानों में छूट देने के लिए फैक्ट्री (हरियाणा संशोधन) अध्यादेश 2020 लाने को मंजूरी दे दी है। फैक्ट्री अधिनियम, 1948 (हरियाणा संशोधन) अध्यादेश, 2020 मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में लाया जाएगा। इससे कोरोना संकट के बाद उद्योगों को आर्थिम संकट से उबारने में मदद मिलेगी।
निवेश के अवसर बढ़ेंगे, रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में भी सहायता मिलेगी। राष्ट्रपति के संशोधित अध्यादेश को स्वीकृति मिलने के बाद सरकार फैक्ट्री अधिनियम के तहत नई फैक्ट्रियों को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तिथि से 1000 दिन तक छूट दे सकेगी। नई फैक्ट्रियों को अध्यादेश लागू होने के बाद 1000 दिन की अवधि के अंदर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करना जरूरी है।
सीएनजी, पीएनजी स्टेशन, पेट्रोल पंप खुलेंगे
हरियाणा में रिटेल आउटलेट्स सीएनजी, पीएनजी स्टेशन और पेट्रोल पंपों की स्थापना के लिए नीति लागू होगी। मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। रिटेल आउटलेट्स की स्थापना के लिए पारदर्शी ई-नीलामी तंत्र के माध्यम से सरकारी भूमि के आवंटन या निजी भूमियों में प्रस्तावित रिटेल आउटलेट्स के मामले में सीएलयू प्रदान करने के उद्देश्य से एक सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाया जाएगा।
डिजिटल विज्ञापन नीति लागू होगी
हरियाणा सरकार ने डिजिटल विज्ञापन नीति-2020 लागू करने का निर्णय लिया है।नीति अनुसार डिजिटल साइट्स का वर्गीकरण औसत न्यूनतम यूनिक उपयोगकर्ताओं की संख्या पर आधारित है।
साइबर सिटी, पार्क की लाइसेंस फीस चार गुणा बढ़ाई
हरियाणा सरकार ने साइबर सिटी के विकास के लिए निर्धारित नीति मानदंडों में संशोधन किया है। साइबर पार्क, साइबर सिटी के लिए लाइसेंस फीस की दर को लागू दर से चार गुणा बढ़ाया गया है। अब साइबर सिटी परियोजनाओं का विकास वर्क-लिव-प्ले अवधारणा पर किया जाएगा।
जिसमें आईटी घटक 66 प्रतिशत (न्यूनतम), वाणिज्यिक 5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत और आवासीय 22 प्रतिशत (अधिकतम) एवं मनोरंजन, पार्क चार प्रतिशत अनुमोदित किया गया है। साइबर सिटी, ग्रुप हाउसिंग और वाणिज्य के लिए निर्धारित फीस एवं शुल्क की वसूली संबंधित उपयोग के तहत आने वाले संबंधित क्षेत्र के लिए की जाएगी। आईटी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट भी दी गई है।
बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन का गठन
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन (ट्रस्ट) के गठन का निर्णय लिया गया। जिसका मुख्यालय उपायुक्त, यमुनानगर के कार्यालय में होगा। इस ट्रस्ट के गठन का उद्देश्य लोहगढ़ और बाबा बंदा सिंह बहादुर तथा उनके आदर्शों व दर्शन पर साहित्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुसंधान, पुरातात्विक खोजों, संग्रहालयों, स्मारकों का विकास करना है।
इन सभी गतिविधियों का लक्ष्य बड़े पैमाने पर संपूर्ण मानवता के लिए पूज्य सिक्ख गुरु साहिबानों द्वारा निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने पर रहेगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल बाबा बंदा सिंह बहादुर लोहगढ़ फाउंडेशन (ट्रस्ट) के व्यवस्थापक-प्रवर्तक होंगे। करनाल निवासी गुरविंदर सिंह धमीजा, यमुनानगर निवासी कंवर पाल, कैथल से शिव शंकर पाहवा, पानीपत से संजय भाटिया, समेत अन्य अफसर इसके संस्थापक शासी ट्रस्टी होंगे।
कैबिनेट में पीटीआई पर कोई फैसला नहीं, महासंघ नाराज
हरियाणा कैबिनेट की बैठक में 1983 पीटीआई अध्यापकों की बहाली को लेकर कोई चर्चा न होने से सर्व कर्मचारी महासंघ नाराज है। महासंघ ने सरकार से इस विषय पर पुनर्विचार की मांग की है। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के राज्य प्रधान विश्वनाथ शर्मा व प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह धनखड़ ने कहा कि महासंघ के साथ-साथ पूरे प्रदेश के कर्मचारी वर्ग को कैबिनेट मीटिंग से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन 1983 पीटीआई अध्यापकों की सेवा बहाली के लिए कैबिनेट द्वारा कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया।
पीटीआई अध्यापकों में से मृतक 35 अध्यापकों की पारिवारिक पेंशन को बंद करके सरकार ने संवेदनहीनता का परिचय दिया है। साथ ही नगरपालिका, स्वास्थ्य, टूरिज्म सहित अन्य विभागों से हटाए गए हजारों कर्मचारियों को भी वापस लेने की मांग लगातार की जा रही है। यदि कर्मचारियों की सेवा बहाली के साथ-साथ विभागीय मांगों को लेकर सरकार द्वारा कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश का कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
कॉलोनाइजरों से ईडीसी वसूली पर सख्ती करेगी सरकार
हरियाणा में कॉलोनाइजर ऊपर करोड़ों रुपये की ईडीसी बकाया है। इसकी वसूली के लिए सरकार अब कठोर कदम उठाएगी। इस संदर्भ में कैबिनेट ने एक प्रस्ताव भी पारित किया है।
बैठक में आंतरिक विकास कार्यों (आईडीडब्ल्यू) व बाहरी विकास प्रभारों (ईडीसी) के लिए बैंक गारंटी के फैसला वैकल्पिक सुरक्षा के साथ-साथ निर्मित क्षेत्र की अनुपातिक भूमि के मोर्टगेज समेत कॉलोनाइजरों से ईडीसी की वसूली हेतु कठोर उपाय करने और आवंटियों से अनिवार्य 70 प्रतिशत निलंबित प्राप्तियों के ऑटो डेबिट के संबंध में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
भविष्य में सभी लाइसेंस प्रदान करते समय कॉलोनाइजरों के साथ द्विपक्षीय समझौते में एक खंड जोड़ा जाएगा। जिसमें प्रत्येक लाइसेंस के विरुद्ध, कॉलोनाइजर अपने बैंक खाते को एकीकृत करेगा।
नए उद्योगों में 1000 दिन के लिए फैक्ट्री एक्ट लागू न करने पर आपत्ति
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में नए उद्योग लगाने पर 1000 दिनों के लिए किसी प्रकार के श्रम कानून लागू नहीं होने पर सीआईटीयू ने आपत्ति जताई है। मजदूर संगठन ने कहा कि यह पूंजीपतियों के हित में उठाया गया कदम है। इससे मजदूरों को बंधुआ या गुलाम बनाने की सुविधा मालिकों को मिल जाएगी। सीआईटीयू हरियाणा की राज्य कमेटी ने सरकार से मांग की है कि यह निर्णय तुरंत वापस लिया जाए।
लाभार्थियों की पेंशन, वित्तीय सहायता में 250 रुपये वृद्धि को स्वीकृति
हरियाणा सरकार ने विभिन्न वर्गों को दी जाने वाली पेंशन व वित्तीय सहायता में 250 रुपये वृद्धि को स्वीकृति दी है। हालांकि बुढ़ापा, विधवा व बेसहारा लाभार्थियों को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ 1 जनवरी से ही मिलना शुरू हो चुका है। मगर अब कैबिनेट की मीटिंग में हरियाणा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।
मंत्रिमंडल की बैठक में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन, निशक्तजन पेंशन, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, निराश्रित बच्चों के लिए वित्तीय सहायता, बौना भत्ता, किन्नर भत्ता और स्कूल न जाने वाले निशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता की दरों में वृद्धि करने के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। उक्त लाभार्थियों को अब 2250 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं।
जबकि पहले इन सभी लाभार्थियों को 2000 रुपये प्रति माह मिल रहे थे। इसी प्रकार, निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता योजना और स्कूल न जाने वाले निशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के लाभार्थी, जिन्हें वर्तमान में क्रमश : 1100 रुपये और 1400 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं, को अब क्रमश: 1350 रुपये और 1,650 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
पूजा स्थल, सामुदायिक केंद्र, धर्मशाला, बारातघर के लिए सस्ती मिलेगी निकाय की जमीन
हरियाणा में सामाजिक, धार्मिक संस्थानों, ट्रस्टों और निजी संस्थानों के धार्मिक व सामाजिक उद्देश्य के लिए अब नगर निकायों की जमीन भी सस्ते कलेक्टर रेट पर दी जा सकेगी। इसके लिए हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग में भूमि आवंटन नीति को स्वीकृति मिल गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की शहरी स्थानीय निकाय विभाग की भूमि के आबंटन हेतु नीति को स्वीकृति प्रदान की गई।
नई नीति के अनुसार पूजा स्थल, सामुदायिक केंद्र, धर्मशाला, बारातघर आदि के लिए संबंधित शहरी स्थानीय निकाय की 3 हजार वर्ग मीटर तक भूमि दी जा सकेगी। इसके तहत, 2 हजार वर्ग मीटर तक बिक्री की अंतरिम दर कलेक्टर रेट का 50 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा। इसी तरह शेष 1 हज़ार वर्ग मीटर तक, कलेक्टर रेट का 100 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा।
शहरी स्थानीय निकायों की 5 एकड़ तक भूमि गोशालाओं, बेसहारा पशु प्रबंधन केंद्र व नंदीशाला के लिए आवंटित की जा सकेगी और किसी परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए, बिक्री की अंतरिम दर कलेक्टर रेट का 50 प्रतिशत, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और इस पर अन्य आकस्मिक शुल्क लगाया जाएगा।
इसके साथ ही सीएम द्वारा विभिन्न विभागों, बोर्डों, प्राधिकरणों, पालिकाओं आदि की भूमि सार्वजनिक, वाणिज्यिक व सामाजिक उद्देश्यों के लिए केंद्र, राज्य सरकार, अर्ध-सरकारी विभाग, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य एजेंसियों को बेचने या पट्टे पर देने के संबंध में सभी प्रासंगिक अधिनियमों के सभी प्रावधानों, नियमों, नीतियों, दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने व इसमें एकरूपता लाने के लिए एक प्रारूप प्रस्ताव तैयार करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था।
बड़ी कालोनियां विकसित होंगी, अवैध कालोनियों पर कसेगी लगाम
हरियाणा सरकार नई अवैध कालोनियां विकसित नहीं होने देगी। योजना अनुसार सरकारी कालोनियों को बड़े स्तर पर निर्मित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया। कालोनी लाइसेंस के लिए 15 एकड़ की अधिकतम सीमा में छूट देने के लिए दीन दयाल जन आवास योजना अफोर्डेबल प्लॉटिड हाउसिंग पॉलिसी, 2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। योजना के तहत बड़े आकार की कॉलोनियों का विकास करने में मदद मिलेगी और अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को रोका जाएगा।
संशोधन के अनुसार दीन दयाल जन आवास योजना के तहत लाइसेंस प्रदान करने के लिए आवासीय सेक्टर में 40 प्रतिशत कुल नियोजित क्षेत्र (एनपीए) की सीमा की शर्त के साथ 15 एकड़ की अधिकतम सीमा में छूट दी जाएगी। गुरुग्राम-मानेसर शहरी परिसर की अंतिम विकास योजना के लिए परिभाषित 10 एकड़ की न्यूनतम क्षेत्र सीमा को भी शेष राज्य में लागू पांच एकड़ के बराबर किया जाएगा। दीन दयाल जन आवास योजना के तहत वर्तमान में न्यूनतम एवं अधिकतम कुल नियोजित क्षेत्र पांच एकड़ और 15 एकड़ निर्धारित है।
योजना के तहत 15 एकड़ की ऊपरी सीमा के फलस्वरूप विकास योजनाओं में दिए गए सेक्टर में छोटे-छोटे आकार की अनेक कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। सेक्टर में अनेक छोटी-छोटी कॉलोनियों के कारण गैर-लाइसेंसशुदा पॉकेट्स में अनधिकृत विकास हुआ है। इसलिए सामुदायिक स्थलों के बड़े क्षेत्र, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल भंडारण टैंक, सार्वजनिक पार्क जैसी आधारभूत सुविधाओं की प्रभावी व्यवस्था के लिए बड़े आकार की कॉलोनियों को सही पाया गया है। ऐसी कॉलोनियों में सड़क़, जलापूर्ति, सीवरेज जैसी सेवाओं के के लिए सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता कम होगी। बैठक में अंतिम विकास योजना-2031 वत्सल वैली में दीन दयाल जन आवास योजना नीति का विस्तार करने और सभी अन्य शहरों के साथ समानता लाने को भी मंजूरी दी गई है।