फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्वदलीय बैठक में जाट आरक्षण बिल पर नहीं बनी सहमति

Sun, 13 Mar 2016 01:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सीएम मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
हरियाणा सरकार की ओर से प्रस्तावित जाट आरक्षण बिल और एसवाईएल के मुद्दे पर शनिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एसवाईएल पर सर्वसम्मति बनी, लेकिन जाट आरक्षण संबंधी बिल को लेकर प्रदेश सरकार अलग-थलग पड़ गई। कांग्रेस की ओर से सर्वदलीय बैठक के बहिष्कार की घोषणा के बाद इनेलो, बसपा, हजकां, अकाली दल और निर्दलीय विधायकों ने बैठक में हिस्सा लिया, लेकिन जाट आरक्षण के मामले में सभी के विचार अलग-अलग रहे और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की इस बैठक से जाट आरक्षण बिल का प्रारूप तैयार किए जाने की योजना सफल नहीं हो सकी।
विज्ञापन


बैठक में प्रदेश सरकार अपने रुख पर कायम रही कि जाटों को विशेष पिछड़ा वर्ग के तहत 10 फीसदी आरक्षण दे दिया जाए, लेकिन इनेलो ने जाट आरक्षण का पक्ष लेते हुए भी सर्वसम्मति से बिल का प्रारूप तैयार करने कोई रुचि नहीं दिखाई और नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने यह कहते हुए गेंद भाजपा के पाले में डाल दी कि इस मामले पर भाजपा के अंदर ही एकमत दिखाई नहीं दे रहा, इसलिए सरकार खुद ही बिल लेकर सदन में आए। इनेलो सदन में अपना रुख स्पष्ट करेगी।

बैठक में मौजूद अन्य दलों में हजकां और बसपा ने जातीय आधार पर जाटों को आरक्षण दिए जाने का विरोध किया। दोनों दलों ने आर्थिक आधार पर जाटों को आरक्षण दिए जाने की वकालत की। वहीं, निदर्लीय विधायक जयप्रकाश ने सरकार के विचार पर सहमति जताते हुए जाटों को विशेष पिछड़ा वर्ग में आरक्षण दिए जाने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि वे सदन में इस मामले पर सरकार का साथ देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें