हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी का खूब प्रयास किया। विधायकों ने कई मामलों में सरकार को निशाना बनाया और इस पर स्पीकार के माध्यम से सरकार से जवाब भी मांगा। मगर सरकार की ओर से बार-बार यही बात कही गई कि सीएम मनोहर लाल सभी मुद्दों पर मंगलवार को जवाब देंगे। लेकिन विपक्षी विधायक आज ही उनके सवालों का जवाब देने की जिद पर अडे़ रहे।
सदन में कांग्रेसी विधायक किरण चौधरी, रघुबीर कादियान ने उचित मुआवजे के लिए आंदोलनरत चरखी दादरी में हुई एक किसान की मौत पर सरकार से जवाब मांगा। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इनेलो विधायक अभय चौटाला ने भी इसी मामले को उछाला। विपक्षी विधायकों ने कहा कि सरकार किसान विरोधी सोच रखती है, इसलिए जवाब देने से बच रही है। विधायक किरण चौधरी और रघुबीर कादियान ने कहा कि उन्होंने इस मसले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए थे, मगर उनके ये प्रस्ताव नामंजूर कर दिए गए और अब सरकार इसका जवाब देने से बच रही है।
कादियान ने स्पीकर से पूछा कि कम से कम उन्हे यह तो बताया जाए कि कांग्रेस का एक भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को मंजूर क्यों नहीं किया गया है। इस पर सीएम मनोहर लाल ने कहा कि जहां तक मेरी समझा है शून्य काल में जो भी विधायक सरकार से सवाल करता है तो उसका जवाब अंत में सीएम द्वारा दिया जाता है। इसी परंपरा के तहत मंगलवार को सदन केआखिरी दिन मैं सभी विधायकों के सवाल का जवाब दूंगा। मगर मेरी सिर्फ यही गुजारिश है कि जिन विधायकों ने सवाल पूछे हैं, उसका जवाब सुनने केलिए वे सदन में मौजूद रहने की हिम्मत जरूर रखें, सदन छोड़कर निकल न जाएं। सरकार द्वारा सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा।
तिगांव के 19 गांवों के किसानों को मुआवजे के लिए करना होगा इंतजार
हरियाणा के तिगांव विधानसभा क्षेत्र के 19 गांव के किसानों को अधिगृहीत भूमि के मुआवजे के लिए अभी और इंतजार करना होगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने विधायक ललित नागर के सवाल पर कहा कि वृहद फरीदाबाद के लिए अधिगृहीत 1627.48 एकड़ भूमि का मामला पिछली सरकार के समय का है। 955.12 करोड़ रुपये की राशि का अवार्ड मुआवजे के लिए घोषित हुआ था, जिसके लिए 872 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया था। कुछ भू-मालिक न्यायालय में चले गए थे। इस मामले में 31 मई 2019 को उच्च न्यायालय के आदेश आए हैं।
सरकार व भू-मालिक दोनों न्यायालय में अपील कर सकते हैं। सर्वोच्च न्यायालय में विशेष याचिका दायर करने की समय सीमा अभी समाप्त नहीं हुई है। जब तक कानूनी प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया जाता। तब तक कोई समय सीमा नहीं दी जा सकती। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट ललित नागर ने कहा कि सरकार एक कमेटी बनाकर किसानों के इस मामले को सुलझाए। मिल बैठकर किसानों की समस्या को खत्म किया जा सकता है। किसान परेशान होने पर आंदोलनरत हैं। सरकार अगर मुआवजा देना चाहती है तो वार्ता के लिए आगे आए।
हांडाहेड़ी गांव में तालाब खोदने की शिकायत की होगी जांच
हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि गोहाना विधानसभा क्षेत्र के हांडाहेड़ी गांव में तालाब खोदे जाने की शिकायत की जांच कराई जाएगी। सोमवार को ही गोहाना विधानसभा क्षेत्र के सरपंचों से मोबाइल पर उन्होंने बात की है। ग्रामीण तालाबों के पानी को उपचारित कर सिंचाई व अन्य कार्यों में उपयोग करने के लिए तीन स्तरीय व पांच स्तरीय तालाब प्रणाली लागू की है, जिसे चरणबद्घ तरीके से लागू किया जा रहा है।
गोहाना विधानसभा क्षेत्र के 16 गांवों में 18 कार्य शुरू किए गए थे, जिनमें से पांच पूरे किए जा चुके हैं, बाकि 11 पर कार्य चल रहा है। धनखड़ सदन में कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से फोटोग्राफी करवाकर वे स्वयं इसकी मॅनीटरिंग करते हैं। इस पर मलिक ने कहा कि वास्तविक स्थिति कुछ और ही है। मौके पर जाकर जायजा लें।
मरीज ही नहीं आते तो कैसे हो गए 1 लाख 16 हजार 565 टेस्ट
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि बीपीएस राजकीय महिला महाविद्यालय खानपुर कलां में जून माह के दौरान माइक्रोबायोलॉजी, पैथालॉजी तथा बायो-कैमिस्ट्री के कुल 1 लाख 16 हजार 565 टेस्टों की जांच की गई है। वह सदन में कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के सवाल का जवाब दे रहे थे। मलिक ने इस पर कहा कि जब इतने मरीज ही नहीं आते तो एक लाख से अधिक टेस्ट कैसे हो गए। लीवर व किडनी फंक्शनिंग के टेस्ट की कॉलेज में सुविधा ही नहीं है।
विज ने बताया कि कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी के 30, पैथालॉजी के 35 तथा बायो-कैमिस्ट्री के 27 प्रकार के टेस्टों की जांच की जाती है। महाविद्यालय में चिकित्सकों, सहायक प्राध्यापक, एसोसिएट प्राध्यापक की भर्ती समय-समय पर की जाती रही है। इसी तहत अभी भी 18 सहायक प्राध्यापक का विज्ञापन जारी किया हुआ है, जिनके जल्दी साक्षात्कार लिए जाएंगे। इसके अलावा 4 सहायक प्राध्यापकों को पदांकित किया गया है।
सिलाना गांव के खेल स्टेडियम पर घिरे विज
हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज ने कहा कि झज्जर जिले के सिलाना गांव में जिला स्तरीय खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 19.77 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। विज सदन में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल के सवाल का जवाब दे रहे थे। भुक्कल ने कहा कि यह स्टेडियम झज्जर नहीं, बल्कि बादली विधानसभा क्षेत्र में है। उनके यहां स्वीकृत स्टेडियम को शिफ्ट कर दिया गया है।
इस पर विज ने कहा कि किसी भी जिले में एक ही जिला खेल स्टेडियम बनाने का प्रावधान है। इसलिए इसके निर्माण की स्वीकृति लोक निर्माण विभाग, भवन एवं सड़कें को जारी कर दी है, जिसके लिए निविदाएं आमंत्रित करने की कार्रवाई अग्रसर है। बावजूद इसके वह विधायक की मांग पर गौर करेंगे।
बख्शे नहीं जाएंगे ओवरलोडिंग घोटाले के दोषी
ओवरलोडिंग घोटाले का मामला मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सदन में गूंजा। कांग्रेस विधायक करण दलाल ने सरकार से ओवरलोडिंग घोटाले के मामले में अब तक हुई कार्रवाई के बारे में सवाल पूछा था। संसदीय कार्य मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि ओवरलोडिंग के मामले में हरियाणा पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, इस प्रकार के मामलों में जो भी दोषी पाया जाएगा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
18 मई 2019 को रोहतक जिला के सांपला थाना में रविंद्र उर्फ काला पुत्र नफे सिंह वासी खरमाण, सुरेंद्र राठी पुत्र श्रीभगवान वासी डेयरी मोहल्ला रोहतक के खिलाफ ओवरलोडिड वाहनों के चालकों, मालिकों से अवैध वसूली कर डस्ट, रेती, रोड़ी के वाहनों को जिला दादरी, नारनौल, झज्जर, रोहतक, भिवानी व सोनीपत से बिना चालान क्रॉस करवाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। आईपीएस मकसूद अहमद को जांच का जिम्मा सौंपा है। मकसूद काबिल अफसर हैं और रोहतक के सहायक पुलिस अधीक्षक हैं।
जांच के दौरान अभियोग में आरोपी पाए गए पांच लोगों मनीष मदान पुत्र महेंद्र सिंह, रविंद्र उर्फ काला पुत्र नफे सिंह, सुरेंद्र राठी पुत्र श्रीभगवान, अमित पुत्र कुलदीप तथा सुरेश पुत्र रूपचंद सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पहला चालान 15 जुलाई 2019 को कोर्ट में पेश किया गया और अब अगली तारीख 17 अगस्त 2019 सुनवाई के लिए कोर्ट में लगी है। इस केस में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पर दलाल और किरण चौधरी ने सवाल उठाए।
दलाल ने कहा कि यह बहुत बड़ा घोटाला है। आरटीए ऑफिस में नियुक्तियां सीएम कार्यालय से होती हैं, जिसमें बड़ा खेल चलता है। एएसपी उसकी क्या जांच कर पाएंगे। घोटाले में बड़े-बड़े अफसर शामिल हैं। क्या सरकार इसकी न्यायिक जांच कराएगी। किरण चौधरी ने कहा कि सरकार अभी सिर्फ पार्ट चालान पेश कर पाई है, मामले में लीपापोती की जा रही है। इस पर रामबिलास शर्मा ने कहा कि सीएम की चक्की बड़ा महीन पीसती है, कोई दोषी नहीं बचेगा, चाहे वह कितना बड़ा अधिकारी क्यों न हो।
केंद्र की अनुमति के बिना आयुष्मान में शामिल नहीं होंगे नए नाम
केंद्र की अनुमति के बिना आयुष्मान योजना में कोई भी नया नाम शामिल नहीं होगा। राज्य सरकार इसमें न तो अपनी ओर से कोई संशोधन करेगी और न ही अपनी ओर से कोई सर्वे करवाएगी। केंद्र सरकार इसमें जो प्रावधान व नया सर्वे करेगी, प्रदेश सरकार उसी को मानेगी। यह बात हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में स्पष्ट कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री विज ने सदन को यह भी बताया कि अभी केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए वर्ष 2011 की आर्थिक-सामाजिक जनगणना को आधार बनाया है।
उम्मीद है केंद्र सरकार अब के मौजूदा हालातों को देखते हुए जल्द नया सर्वे करवाएगी, जिसके बाद योग्य लोग भी आयुष्मान योजना के दायरे में आ जाएगी। विज ने कहा कि यह केंद्र सरकार की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है। जिसमें एक साल में लाभार्थी को 5 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाती है। विज ने बताया कि अभी तक प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत 1231132 कार्ड धारक है। इनमें से अभी तक 37885 लाभार्थियों ने इसका लाभ लिया है।
अपने ही विधायकों की मांग विज ने की खारिज
दरअसल, विधानसभा में भाजपा के विधायक असीम गोयल और पवन सैनी ने मांग उठाई थी कि प्रदेश में बहुत से ऐसे गरीब है, जिनका नाम पूर्व सरकार की कारस्तानी के चलते बीपीएल की सूची में नहीं आ पाया। आज भी यह गरीब लोग सचमुच इस योजना के पात्र है, मगर सर्वे में उनका नाम नहीं है। इसलिए राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था करे, जिससे इन गरीब लोगों को इस योजना को लाभ मिल सके। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने इसे केंद्र सरकार की योजना बताते हुए कहा कि इस योजना में केंद्र व राज्य का 60:40 के अनुपात से पैसा खर्च होता है। राज्य सरकार इसमें अपनी ओर से कोई कार्यवाही नहीं कर सकती।
आईटी प्रोफेशनल बना रहा था गोल्डन कार्ड, केस दर्ज
प्रदेश में एक आईटी प्रोफेशनल इस योजना के अंतर्गत लोगों को धोखा देने के इरादे से गोल्डन कार्ड बना रहा था। ऐसे तीन फर्जी गोल्डन कार्ड भी पकड़ गए और इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। विज ने साफ किया कि योजना में किसी प्रकार के गोल्डन कार्ड बनाने का प्रावधान नहीं है।
आगामी भर्तियों में ही मिलेगा ‘फादरलेस’ के विशेष अंक का लाभ
सूबे में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की आगामी भर्तियों में ही ‘फादरलेस’ लाभार्थी को विशेष 5 अंकों का लाभ मिलेगा। अभी तक जो भर्तियां हो चुकी हैं। उसमें इस विशेष अंक का लाभ नहीं मिलेगा। हाल ही में हो चुकी ग्रुप डी और पुलिस भर्तियों में भी यह लाभ नहीं मिलेगा। जबकि इन सरकार ने इन भर्तियों से पहले इसका लाभ देने का निर्णय लिया था। मगर सरकार और एचएसएससी के बीच संवादहीनता के चलते ये चूक हो गई है।
सीएम मनोहर लाल ने इस बात को विधानसभा में भी स्वीकार किया है। सदन में कलायत के विधायक जय प्रकाश ने यह मामला उठाया था। सीएम ने कहा कि सरकार ने अपने निर्णय के तहत भर्तियों में फादरलेस अभ्यर्थियों को विशेष 5 अंक का लाभ देने का फैसला लिया था। मगर एचएसएससी के बीच मिस कम्युनिकेशन के चलते एचएसएससी ने विज्ञापन में फादरलेस की बजाए ‘अनाथ’ शब्द का इस्तेमाल किया। जिसके चलते यह लाभ उन्हीं को मिला जिन अभ्यर्थियों के मां-बाप नहीं थे। जबकि ये लाभ फादरलेस अभ्यार्थियों को भी मिलना चाहिए था।
सीएम ने कहा कि जब ये बात सरकार के संज्ञान में लाई गई, तब तक ग्रुप डी और पुलिस कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। ऐसी स्थिति में कुछ नहीं किया जा सकता था। मगर सरकार ने अब साफ कर दिया है कि आगामी भर्तियों में फादरलेस अभ्यर्थियों को यह लाभ मिलेगा। मगर पुरानी भर्तियों में अब कुछ नहीं हो सकता। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एचएसएससी की भूल का शिकार प्रदेश के सैकड़ों आवेदक हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एचएसएससी की गलतियों से पात्र आवेदकों के साथ हुए अन्याय को दूर करे और आयोग से कहे कि वो अपनी भूल सुधार करे। सरकार गरीब युवाओं को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर करने की बजाए संवेदना दिखाए और चयन आयोग को सरकार द्वारा घोषित पॉलिसी का अनुसरण करने को कहे, क्योंकि सरकारी नीतियों के लाभ के पात्र लोगों को ऐसे लाभ से वंचित करना अन्यायपूर्ण तो है ही, गैरकानूनी भी है।
कुठियाला को हटवाने के लिए काम नहीं आया कांग्रेस का दबाव
हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के चेयरमैन एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बीके कुठियाला से जुड़ा भ्रष्टाचार का मामला मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सदन में उठा। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने कहा कि सरकार कुठियाला को बचा रही है। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को उच्च शिक्षा परिषद का चेयरमैन बनाया हुआ है। उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। उन पर मामला तक दर्ज है, कोर्ट भगोड़ा घोषित कर चुका है। इस पर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि कुठियाला को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। वह यहां नहीं हैं, उनकी चर्चा नहीं होनी चाहिए। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जब आरोप सिद्ध होंगे, एक मिनट में हटा देंगे।
किरण जब इस पर अधिक वाद-विवाद करने लगीं तो वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु भी बहस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि कई लोग इस सदन में बैठे हैं, जिन पर एफआईआर भी दर्ज हैं और जमानत पर चल रहे हैं। भाजपा का इशारा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तरफ था। कैप्टन ने तो किरण को यहां तक कह दिया कि कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना। इस पर कांग्रेस विधायकों ने भी पलटवार किया। उन्होंने राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर पर भी हाल ही में एफआईआर दर्ज होने का हवाला दिया, जिस पर ग्रोवर ने कहा कि रोहतक में भाजपा 1971 के बाद जीती है। इसलिए मुझ पर झूठा केस दर्ज कराया है।
आपकी नजर-ए-इनायत बनी रही
कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने शून्यकाल में फसल बीमा योजना के इसरबाल के लंबित पड़े 30 प्रतिशत क्लेम, पंजाब समान वेतनमान, नंबरदारों को भत्ता न देने का मुद्दा भी उठाया। भिवानी व बाढड़ा के वन विभाग के श्रमिकों को 15 लाख रुपये न मिलने का मुद्दा उठाने पर कैप्टन अभिमन्यु और किरण चौधरी के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक हो गई। कैप्टन ने कहा कि आप मुझे वन मंत्री कह रही हैं, लगता है आजकल हरियाणा में नहीं रह रहीं। किरण तपाक से बोलीं कि सामने होने के कारण मैं आपकी तरफ देख रही थी, मैंने आपको वन मंत्री नहीं कहा, क्या देखना भी मना है। कैप्टन भी पीछे नहीं रहे, बोले, आपकी नजर-ए-इनायत बनी रहे। इस पर किरण बोलीं कि आजकल पता नहीं आपका ध्यान किधर रहता है। कहीं सीएम की कुर्सी की तरफ तो नहीं है।
कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया का विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा
हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक पिछले दिन कांग्रेस की कलह भी खुलकर सामने आ गई। राई से कांग्रेस विधायक जयतीर्थ दहिया ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्पीकर कंवर पाल को चंडीगढ़ पहुंचकर विधानसभा में विधायक पद से अपना त्याग पत्र सौंपा। इस्तीफा देने का कारण दहिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर के व्यवहार को बताया है। उन्होंने कहा कि वह उनके व्यवहार से नाखुश हैं। उन्होंने तंवर पर दिल्ली में 4 जून को समन्वय समिति की बैठक के बाद गाली देने का आरोप लगाया है।
दहिया ने कहा कि वह गाली से आहत थे। हाईकमान ने उनकी शिकायत भी की, बावजूद प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। दहिया को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बेहद करीबी माना जाता है। वह हुड्डा को प्रदेश की कमान सौंपने के लिए पार्टी हाईकमान को पत्र भी लिख चुके थे। यही नहीं, दिल्ली में पार्टी के आला नेताओं से मुलाकात भी की थी। तंवर की कार्यप्रणाली पर दहिया लंबे समय से सवाल उठाते रहे हैं। याद रहे कि जयतीर्थ दहिया के खिलाफ हाईकोर्ट में भी एक याचिका पर अंतिम निर्णय आना है।
हाईकोर्ट ने फैसला रिजर्व रखा हुआ है। दहिया राई विधानसभा क्षेत्र से मात्र तीन मतों के अंतर से चुनाव जीते थे। तीन वोट के मामूली अंतर से हारने वाले इनेलो उम्मीदवार इंद्रजीत सिंह दहिया ने जयतीर्थ दहिया की जीत को चुनौती दी थी। मामले में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और चुनाव से जुड़े तमाम रिकार्ड की सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की गई है। हाईकोर्ट में यह मामला 2014 से चल रहा है। अब मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल अक्टूबर में खत्म होने वाला है तो हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
13 साल बाद 14 हजार गेस्ट टीचर्स की नौकरी सुरक्षित
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बीते लगभग 13 वर्ष से कार्यरत करीब 14 हजार गेस्ट टीचर्स की नौकरी आखिरकार सुरक्षित हो ही गई। स्कूल शिक्षा विभाग ने विधानसभा के बजट सत्र में पारित हरियाणा गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट 2019 को प्रदेश में 29 जुलाई 2019 से लागू कर दिया है। यह एक्ट हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में पारित हुआ था। प्रदेश सरकार ने 12 मार्च 2019 को इसकी गजट अधिसूचना भी जारी कर दी थी। स्कूल शिक्षा विभाग में इसे अभी तक लागू नहीं किया था। जिससे गेस्ट टीचर्स को अपनी नौकरी सुरक्षित न होने की चिंता सताने लगी थी।
गेस्ट टीचर्स की दोनों यूनियन ने इसी महीने दूसरे व तीसरे सप्ताह जिलों में अलग-अलग प्रदर्शन कर एक्ट को लागू करने की भी मांग की थी। जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार हरकत में आई और एक्ट लागू करने के निर्देश जारी किए। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने 29 जुलाई को सभी डीईओ और डीईईओ को हरियाणा गेस्ट टीचर्स सर्विस एक्ट 2019 की पालना करने के निर्देश दिए हैं। एक्ट लागू होने के बाद स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स 58 वर्ष तक नौकरी कर सकेंगे।
नियमित अध्यापकों की तरह ही गेस्ट टीचर का साल में दो बार वेतन बढ़ेगा। हर वर्ष जनवरी व जुलाई महीने में वेतन बढ़ोतरी की जाएगी। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ-22 के राज्य प्रधान कृष्ण कुमार व प्रेस प्रवक्ता धर्मबीर कौशिक ने एक्ट लागू करने के लिए सीएम मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि एक्ट को सही तरीके से लागू करवाकर सभी सुविधाएं लेने के लिए जल्द ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी।