हरियाणा के विधानसभा चुनाव में शिरोमणी अकाली दल (शिअद) भाजपा का साथी बनेगा या नहीं, साथ रहेगा तो कितनी सीटें शिअद को मिलेंगी, इस पर अभी तक अटकलों का दौर जारी ही था कि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने बड़ा बयान दे दिया।
उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल हरियाणा में अकेले अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ेगा। अभी तक हरियाणा की राजनीति में शिअद इनेलो का ही साथी रहा है। मगर इसी साल हुए लोकसभा चुनाव से पहले इनेलो ने एसवाईएल के मुद्दे पर शिअद से अपने राजनीतिक रिश्ते खत्म कर लिए थे।
मगर चौटाला और बादल कुनबे में पारिवारिक रिश्ते आज भी कायम हैं। उधर, शिअद की हरियाणा इकाई ने भी इनेलो में हुए विघटन के बाद टूटे सियासी रिश्तों को जोड़ने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। देखा जाए तो वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इनेलो ने शिअद की ही मदद से सिरसा लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी। जबकि कालांवली विधानसभा सीट शिअद ने इनेलो की मदद से जीती थी। लेकिन आज के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में हालात अलग हैं। चूंकि पंजाब में शिअद का गठबंधन भाजपा से है।