कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में जनता के साथ बड़े वादे कर सकती है। हुड्डा व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने इसके संकेत भी दिए हैं। हुड्डा ने कहा कि सरकार बनने के बाद 24 घंटे में किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। बुजुर्गों को पहले ही महीने से 5100 रुपये पेंशन देंगे। 2005 में वह सीएम बने थे, आगे भी ऐसा हो सकता है। पार्टी में आना और पार्टी से जाना किसी का भी व्यक्तिगत फैसला होता है। राजनीति मे कुछ भी हो सकता है।
उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को जारी होने वाले घोषणा पत्र में जनहितैषी वादे होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि घोषणापत्र में प्रदेश के सभी वर्गों को राहत पहुंचाने की बात होगी।
सरकार बनते ही कांग्रेस पार्टी किसान-मजदूर और कमजोर तबके को ऋण से निजात दिलाने का काम करेगी। प्रदेश के किसानों को पराली की समस्या से राहत दिलाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी की तरह जुमलेबाजी नहीं होगी, कांग्रेस पार्टी जो वादा करेगी, उसे सौ फीसदी पूरा किया जाएगा।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में हरियाणा का विकास नहीं, विनाश हुआ है। कांग्रेस सरकार आते ही तफ्तीश कर गुनाहगारों को बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने दिवाली के मौके पर केंद्र सरकार के मंत्री की ओर से पर्यावरण को लेकर जताई गई चिंता और ग्रीन दिवाली मनाने के आह्वान को भारतीय जनता पार्टी के जुमलेबाजी का हिस्सा करार दिया।
सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यावरण प्रेमियों की नजर में बड़ी गुनहगार है। सरकार ने एनसीआर की अरावली पहाड़ियों की 60 हजार एकड़ जमीन को प्राइवेट बिल्डरों के हाथों बेचने की कोशिश की है। सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट बीच में न आता तो महज दो फीसदी वन क्षेत्र वाले हरियाणा से जंगलों का पूरी तरह सफाया कर दिया गया होता।
ऐसे अब चुनाव के मौसम में ग्रीन दिवाली मनाने की बात हास्यास्पद है। सरकार जनता की हितों को बचाने में विफल रही है। प्रदेश में उद्योग धंधों का चौपट हाल सामने है। बेरोजगारों को नौकरी देने के बजाय रिकॉर्ड संख्या में हरियाणा के लोगों की नौकरी छीनी ली गई है। अपराधियों का बोलबाला है, महिलाएं और बुजुर्ग महफूज नहीं है।
सरकार की मिली भगत से अवैध खनन धड़ल्ले से होता रहा। ड्रग्स माफिया का बोलबाला है। क्लर्क के 4862 पदों की नौकरी के लिए तीन दिनों तक 15 लाख बच्चों को घर से 200-250 किलोमोटर दूर तक दौड़ाया गया। परीक्षार्थियों को लाने ले जाने के लिए रोडवेज ने कोई खास इंतजाम नहीं किया। जनता इन सब बातों का हिसाब चुनाव में लेगी।