इनेलो जिलाध्यक्ष सुरेंद्र छिक्कारा ने कार्यालय पर पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि इनेलो ने इंद्रजीत दहिया पर भरोसा जताते हुए तीसरी बार प्रत्याशी बनाया था। लेकिन इंद्रजीत दहिया 50 लाख रुपये में कांग्रेस के जयतीर्थ दहिया के हाथों बिक गए हैं।
इनको जल्द ही पार्टी से निकाला जाएगा। इसके साथ ही इनेलो के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ ही जनता ईवीएम मशीन में चश्मे के सामने का बटन दबाएगी। जिससे यह साफ हो जाएगा कि इंद्रजीत दहिया का अपना कोई जनाधार नहीं है और उनको हर बार इनेलो के ही वोट मिलते थे।
इनेलो का जनाधार नहीं, इसलिए लगा रहे आरोप : जयतीर्थ
कांग्रेस के प्रत्याशी जयतीर्थ दहिया ने सफाई देते हुए कहा कि उनके व इंद्रजीत दहिया के गांव में पुराना भाईचारा है और अब उनके बीच चल रहे सभी विवाद खत्म हो गए हैं। वह हाईकोर्ट में डाली गई अपनी याचिका भी वापस ले लेंगे। जयतीर्थ दहिया ने कहा कि इनेलो का कोई जनाधार नहीं है, इसलिए ही यह आरोप लगाए जा रहे हैं।
अब मैं क्या कह सकता हूं : इंद्रजीत
इनेलो प्रत्याशी इंद्रजीत दहिया से 50 लाख रुपये में बिकने के आरोप के बारे बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अब मैं इस बारे में क्या कह सकता हूं। उन्होंने बात कही है तो वही बता सकते हैं।