उन्होंने मोदी सहित भाजपा नेताओं को चुनौती दी कि वे किसी भी मंच पर उनके साथ बहस कर सकते है। भाजपा सरकार ने अपने शासनकाल में क्या किया है, सब कुछ सामने आ जाएगा। जनता हिसाब मांग रही है और मोदी व मनोहर लाल हिसाब देने की बजाए दूसरी बातों में लोगों को उलझाने में लगे हुए हैं। उन्होंने सवाल किया कि हरियाणा में बेरोजगारी दर इतनी ज्यादा क्यों है, क्यों एक भी नई औद्योगिक इकाई हरियाणा में स्थापित नहीं हो पाई।
उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। प्रधानमंत्री को इसकी चिंता करने की बजाय फिजूल के मुद्दों की पड़ी है। जिसने भी मोदी और मनोहर का विरोध किया वह देशद्रोही हो गया, यह कौन सा राष्ट्रवाद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी शासन किया है, लेकिन किसी के बोलने पर बंदिश नहीं लगाई और न ही चुनावी दिनों में विरोधियों के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे डलवाए। यह एक गलत रवायत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कई मंत्री चुनाव हार रहे हैं, और भाजपा का ग्राफ दिनों दिन नीचे जा रहा है।