हरियाणा की जनता चुनावी दंगल में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार के सिर भी जीत का सेहरा बांधती आ रही है। हरियाणा गठन के बाद अब तक हुए विधानसभा चुनावों में एक बार भी ऐसा मौका नहीं आया, जब निर्दलीय उम्मीदवार चुनकर न पहुंचे हों। हर चुनाव में मतदाताओं ने निर्दलीयों को जिताकर भेजा है। 1967 और 1982 में सबसे अधिक 16-16 आजाद उम्मीदवारों को विधायक बनने का मौका मिला। 2009 में तो पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सीएम की कुर्सी निर्दलीय विधायकों ने ही दिलाई।
इस चुनाव में आठ निर्दलीय जीते थे। कांग्रेस की 40 सीटें आई थीं और पार्टी बहुमत से छह सीटें दूर दीं। हुड्डा ने अपने राजनीतिक कौशल से सभी आजाद विधायकों को अपने पाले में कर लिया। पुंडरी से सुलतान सिंह, पानीपत ग्रामीण से ओमप्रकाश जैन, फतेहाबाद से प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, सिरसा से गोपाल कांडा, गुरुग्राम से सुखबीर कटारिया, हथीन से जलेब खान व फरीदाबाद एनआईटी से पंडित शिवचरण लाल जीते थे। इनका समर्थन मिलने से न केवल हुड्डा सीएम बने, बल्कि पांच साल सरकार भी चलाई।
हुड्डा ने इन विधायकों को मंत्री और सीपीएस पदों से नवाजा था। गोपाल कांडा गृह राज्य मंत्री रहे। ओमप्रकाश जैन, सुखबीर कटारिया, पंडित शिवचरण भी मंत्री पद से नवाजे गए। वर्तमान सरकार में स्वास्थ्य व खेल मंत्री अनिल विज भी अंबाला कैंट से दो बार आजाद विधायक रह चुके हैं। कुछ निर्दलीय तो वोट कटवा ही साबित होते हैं, जबकि कुछ बड़े-बड़ों का चुनावी गणित बिगाड़ देते हैं।
चौधर के शौक के लिए ठोकते ताल
हरियाणा में चौधर के शौक के लिए बड़े पैमाने पर आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं। 1996 में ऐसा मौका आया कि 2022 निर्दलीयों ने चुनाव लड़ा और दस विधायक बने। हर चुनाव में निर्दलीयों का आंकड़ा सैकड़ों में ही रहता आया है। जनता भी इन्हें निराश नहीं करती, मिलनसार व सुखदुख में काम आने वालों को चुनकर विधानसभा भेज देती है।
2014 में जीते निर्दलीय राष्ट्रीय दलों में शामिल
बीते विधानसभा चुनाव में जीते पांचों निर्दलीय विधायक अब राष्ट्रीय दलों में शामिल हो चुके हैं। चार विधायकों जसबीर देसवाल, रविंद्र मछरौली, रहीश खान व दिनेश कौशिक ने भाजपा का दामन थामा है तो जयप्रकाश जेपी कांग्रेस में शामिल हुए हैं। देखने वाली बात यह भी होगी कि इनमें से कितने अबकी बार टिकट पाकर दोबारा विधानसभा पहुंचते हैं।
चुनाव दर चुनाव जीते निर्दलीय उम्मीदवार
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1967 260 16 196
जीतने वाले उम्मीदवार
कालका से एल सिंह, शेरहड़ा से पीएजे सिंह, रोहाट से बी सिंह, किलोई से एस नाथ, झज्जर से एम सिंह, पलवल से धन सिंह, हसनपुर से जी लाल, नूह से आर खान, सोहना से एम सिंह, बावल से के लाल, जाटूसाना से जे सिंह, महेंद्रगढ़ से एच सिंह, कनीना से डी सिंह, बाढड़ा से ए सिंह, मुंधल खुर्द से जे सिंह।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1968 161 6 129
जीतने वाले उम्मीदवार
बबैन से चांद राम, नीलोखेड़ी से चंदा सिंह, करनाल से शांति प्रसाद, पुंडरी से ईश्वर सिंह, हथीन से हेमराज, डबवाली से तेजा सिंह।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1972 207 11 170
जीते उम्मीदवार
जगाधरी से ओमप्रकाश, बबैन से चांद राम, कैथल से चरण दास, महम से उमेद, कैलाना से प्रताप सिंह, बेरी से प्रताप सिंह दौलता, फरीदाबाद से कंवल नैन गुलाटी, फिरोजपुर झिरका से अबुल रजाक, नूह से रहीम खान, हथीन से रामजी लाल, हांसी से ईशर सिंह।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1977 439 6 390
जीते उम्मीदवार
बादली से हरद्वारी लाल, गोहाना से गंगा राम, जींद से मांगे राम, फिरोजपुर झिरका से शकरुल्ला, तोशाम से सुंदर सिंह, दड़वा कलां से जगदीश कुमार।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1982 835 16 796
जीते उम्मीदवार
कालका से लछमण सिंह, नारायणगढ़ से लाल सिंह, मुलाणा से फूल चंद, नीलोखेड़ी से चंदा सिंह, रादौर से राम सिंह, कैथल से रोशन लाल, सालहावास से हुकम सिंह, कैलाना से राजिंदर सिंह, बल्लभगढ़ से शारदा रानी, नूह से रहीम खान, सोहना से विजय वीर सिंह, भट्टू कलां से संपत सिंह, हिसार से ओमप्रकाश महाजन, सिरसा से लछमण दास अरोड़ा, रेवाड़ी से राम सिंह, अटेली से निहाल सिंह।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1987 1045 7 1017
जीते उम्मीदवार
नारायणगढ़ से जगपाल सिंह, सढौरा से भागमल,नग्गल से हरमिंदर सिंह, नीलोखेड़ी से जय सिंह, झज्जर से मेधावी, सफीदों से सरदुल सिंह, सोहना धर्मपाल।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1991 1412 5 1397
जीते उम्मीदवार
सढौरा से शेर सिंह, नीलोखेड़ी से जय सिंह, गोहाना से किताब सिंह, तावड़ू से जाकिर हुसैन, हांसी से अमीर चंद।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
1996 2022 10 2001
जीते उम्मीदवार
छछरौली से अकरम खान, अंबाला कैंट से अनिल विज, इंद्री भीम सेन, पानीपत से ओमप्रकाश, पुंडरी से नरेंद्र शर्मा, सोनीपत से देवराज दीवान, बरवाला से रेलू राम, हिसार से ओमप्रकाश महाजन, नारनौल से कैलाश चंद।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
2000 519 11 483
जीते उम्मीदवार
अंबाला से अनिल विज, इंद्री से भीम सेन, करनाल से जयप्रकाश, पुंडरी से तेजवीर, झज्जर से दरयाब सिंह, सोनीपत से देवराज दीवान, बल्लभगढ़ से राजिंदर सिंह बिसला, हसनपुर से उदयभान, गुरुग्राम से गोपी चंद, नारनौंद से राम भगत,नारनौल से मूला राम।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
2005 442 10 411
जीते उम्मीदवार
पुंडरी से दिनेश कौशिक, पाई से तेजेंद्र पाल सिंह, सफीदों से बचन सिंह आर्य, हथीन से हर्ष कुमार, नूह हबीब उर रहमान, सोहना से सुखबीर सिंह, बावल से शकुंतला से भगवाड़िया, अटेली से नरेश यादव, नारनौल से राधे श्याम।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
2009 781 8 ---
जीते उम्मीदवार
पुंडरी से सुलतान सिंह, पानीपत ग्रामीण से ओमप्रकाश जैन, फतेहाबाद से प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, सिरसा से गोपाल कांडा, गुरुग्राम से सुखबीर कटारिया, हथीन जलेब खान, फरीदाबाद एनआईटी पंडित शिवचरण लाल।
वर्ष चुनाव में उतरे जीते जमानत जब्त
2014 603 5 ----
जीते उम्मीदवार
कलायत से जयप्रकाश जेपी, पुन्हाना से रहीश खान, सफीदों से जसबीर देसवाल, पुंडरी से दिनेश कौशिक, समालखा से रविंद्र मछरौली।