हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होते ही चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। एमपी, एमएलए विकास फंड से अब नए काम बिल्कुल नहीं होंगे। भारतीय चुनाव आयोग ने इस संबंध में मुख्य सचिव हरियाणा को निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि आचार संहिता लगने से पहले भी अगर किसी कार्य को शुरू करने का वर्क आर्डर जारी हुआ है और कार्य स्थल पर कोई प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है तो काम शुरू नहीं होगा।
वही काम शुरू हो पाएंगे जिनका वर्क आर्डर जारी होने के बाद कार्य स्थल पर निर्माण सामग्री इत्यादि पहुंच चुकी है, बजट आवंटन के साथ ही सारी प्रक्रियाएं पूरी हैं और सिर्फ निर्माण शुरू होना बाकी है। पूरे हो चुके कार्यों की पेमैंट जारी करने पर कोई रोक नहीं है, बशर्ते संबंधित अधिकारी संतुष्ट है। भारतीय चुनाव आयोग के प्रधान सचिव नरेंद्र एन बुटोलिया का पत्र आने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय की चुनाव शाखा हरकत में आ गई है।
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक और मुख्य प्रशासकों, सभी मंडलायुक्तों, डीसी, यूनिवर्सिटी के वीसी और डीजीपी को आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।