फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा विस चुनावः वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद शुरू नहीं होंगे नए काम, आयोग के कड़े आदेश

Tue, 24 Sep 2019 12:13 PM IST
खुशबू गोयल यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
मनोहर लाल खट्टर
विज्ञापन
हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होते ही चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। एमपी, एमएलए विकास फंड से अब नए काम बिल्कुल नहीं होंगे। भारतीय चुनाव आयोग ने इस संबंध में मुख्य सचिव हरियाणा को निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि आचार संहिता लगने से पहले भी अगर किसी कार्य को शुरू करने का वर्क आर्डर जारी हुआ है और कार्य स्थल पर कोई प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है तो काम शुरू नहीं होगा।
विज्ञापन


वही काम शुरू हो पाएंगे जिनका वर्क आर्डर जारी होने के बाद कार्य स्थल पर निर्माण सामग्री इत्यादि पहुंच चुकी है, बजट आवंटन के साथ ही सारी प्रक्रियाएं पूरी हैं और सिर्फ निर्माण शुरू होना बाकी है। पूरे हो चुके कार्यों की पेमैंट जारी करने पर कोई रोक नहीं है, बशर्ते संबंधित अधिकारी संतुष्ट है। भारतीय चुनाव आयोग के प्रधान सचिव नरेंद्र एन बुटोलिया का पत्र आने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय की चुनाव शाखा हरकत में आ गई है।

मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा की ओर से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक और मुख्य प्रशासकों, सभी मंडलायुक्तों, डीसी, यूनिवर्सिटी के वीसी और डीजीपी को आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जरूरी अनुमति के लिए स्क्रीनिंग कमेटी गठित

चुनाव आचार संहिता के दौरान अत्यंत जरूरी कार्यों के लिए चुनाव आयोग व निर्वाचन विभाग की अनुमति लेने के लिए सरकार ने स्क्रीनिंग कमेटी गठित कर दी है। मुख्य सचिव चेयरमैन, संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव और सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव इसके सदस्य होंगे। स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष वही कार्य विभागों द्वारा लाए जाएंगे, जिनके लिए आचार संहिता खत्म होने का इंतजार नहीं किया जा सकता और जनहित में उनका लागू होना अति आवश्यक है।

ये प्रक्रिया लाई जाएगी अमल में
. स्क्रीनिंग कमेटी से स्वीकृत केस ही निर्वाचन विभाग के सीईओ को भेजे जाएंगे।
. सीईओ उनकी स्वीकृति भारतीय चुनाव आयोग से लेंगे।
. स्क्रीनिंग कमेटी को विभाग असली फाइल न भेजकर खुद तैयार किया नोट भेजेंगे।
. सीईओ को सी-विजल एप पर जरूरी कार्य की मंजूरी का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
. लोकसभा चुनाव के दौरान जारी पासवर्ड व यूजर आईडी प्रशासनिक सचिव प्रयोग करेंगे, इसे वे चुनाव शाखा से संपर्क कर बदल भी सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें