हरियाणा में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले राजनीतिक दलों ने कुनबा बढ़ाने के लिए दूसरे दलों में सेंधमारी लगानी शुरू कर दी है। विपक्षी दलों के कद्दावर नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर राजनीतिक दल सियासी अखाड़े में अपनी ताकत का प्रदर्शन करने में जुट गए हैं। हजकां से गठबंधन टूटते ही भाजपा ने कुनबा बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है।
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पार्टी में इस समय दूसरे दलों से आने वाले नेताओं के लिए दरवाजे खुले हैं। अब तक कांग्रेस और इनेलो के कई कद्दावर नेता भाजपा के घर में एंट्री कर चुके हैं। इनमें से कई टिकट के दावेदार हैं। बीरेंद्र सिंह जैसे कद्दावर नेताओं का भाजपा के मंच पर आना नए समीकरणों की सुगबुगाहट है। जबकि दूसरे दलों ने भी सेंधमारी में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है।
इनमें बीरेंद्र सिंह जैसे नेताओं के अलावा कि कई पूर्व मंत्री और विभिन्न दलों के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके नेता भी शामिल हैं। भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं की लंबी लाइन को देखकर भाजपाई फूले नहीं समा रहे हैं। भाजपा ने नेताओं को शामिल करने के लिए पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है। इस कमेटी के माध्यम से ही भाजपा में एंट्री संभव हो पा रही है।
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तीन लोकसभा प्रत्याशी भाजपा में शामिल
भारतीय जनता पार्टी में अंबाला से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े राजकुमार बाल्मीकि, रोहतक से इनेलो के टिकट पर लड़े शमशेर खरकड़ा और कुरुक्षेत्र से इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़े बलबीर सैनी शामिल हो चुके हैं।
इसके अलावा पूर्व मंत्री हर्ष कुमार, सुभाष कत्याल, कांता देवी, जगदीश नेहरा, धर्मवीर यादव, सत्यनारायण लाठर विधायक फूल सिंह खेड़ी, कृष्ण पंवार, मुख्य संसदीय सचिव सुलतान सिंह जडोला सहित अन्य नाम शामिल हैं।
बीरेंद्र ने ली बीजेपी की सदस्यता बिरेंद्र सिंह भाजपा के साथ मंच साझा कर चुके हैं। राज्यसभा सदस्य के पद से इस्तीफा भी दे दिया है। इसी के साथ उन्होंने भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण कर ली है। हालांकि उनके शामिल होने की चर्चाएं बहुत पहले से थीं, लेकिन भाजपा में अधिकारिक तौर पर वे अब शामिल हुए हैं।
भाजपा में शामिल हुए नेताओं की एंट्री राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली में जोरदार ढंग से हुई। शाह ने अभी तक जो नेता शामिल हुए हैं उन्हें पार्टी में पूरा मान सम्मान देने का आश्वासन दिया है।
अब हजकां पर होगी नजर
हजकां से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा की नजर अब हजकां पर है। पार्टी हजकां के किले में भी सेंध लगा सकती है। अब तक गठबंधन धर्म निभाने के कारण भाजपा हजकां की तरफ तिरछी नजरों से नहीं देख रही थी, लेकिन इस बात की गारंटी नहीं है कि भाजपा हजकां में सेंध लगाने की कोशिश नहीं करेगी।
अभी स्क्रीनिंग कमेटी में चल रहे हैं कई नाम भाजपा की स्क्रीनिंग कमेटी अभी तक कई नामों पर मुहर लगवा कर उन्हें पार्टी में शामिल कर चुकी है। चुनाव से पहले कई अन्य नेताओं के शामिल होने की पूरी संभावना है।
लोकसभा चुनाव से पहले शुरू हो गया था सिलसिला भाजपा में नेताओं का शामिल होने का सिलसिला लोकसभा चुनाव के दौरान ही शुरू हो गया था। अहीरवाल के कद्दावर नेता राव इंद्रजीत सिंह भाजपा में शामिल होकर गुड़गांव से लोकसभा चुनाव जीते। वर्तमान में वे केंद्र में मंत्री हैं। इस दौरान धर्मवीर सिंह भाजपा में शामिल होकर भिवानी से चुनाव लड़े और जीते।
फरीदाबाद से पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना इनेलो में शामिल हो चुके हैं। उनकी एंट्री से इनेलो उत्साहित है। भड़ाना कांग्रेस से असंतुष्ट हैं। उनकी कांग्रेस से बगावत का लाभ इनेलो उठाएगी।
इसके अलावा पूर्व मंत्री केएल शर्मा, सुरेंद्र मदान, हरि सिंह सैनी, अतर सिंह सैनी, जगदीश यादव और पूर्व विधायक जाकिर हुसैन, रणधीर मंदौला एवं मूलाराम सहित पिछले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कई निर्दलीय नेता शामिल हुए हैं।
कांग्रेस पर फर्क नहीं : अजय सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव का कहना है कि जो लोग कांग्रेस छोड़ रहे हैं उनमें वे नेता शामिल हैं जो पिछली बार चुनाव हार गए थे या फिर इस बार उनका टिकट कटना तय माना जा रहा था। उनके जाने से कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।