भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में तीसरी बार कमल खिलाने के लिए अपने 22 बड़े स्टार प्रचारक हरियाणा में उतारे। इन सभी ने धुआंधार प्रचार कर अपने पक्ष में माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। 155 से ज्यादा रैलियां, रोड शो और प्रेस कांफ्रेंस की। अकेले सीएम नायब सिंह सैनी ने करीब 70 रैलियां की हैं। भाजपा का मुख्य फोकस जीटी रोड की 29 और अहीरवाल बेल्ट की 11 विधानसभा सीटों पर दिखा।
जीटी बेल्ट से ही पीएम ने प्रचार किया शुरू
तीसरी बार सरकार बनाने में भाजपा के लिए ये दोनों ही क्षेत्र अहम है। यदि इन दो क्षेत्रों में पार्टी ने बाजी मार ली तो उसके लिए तीसरी बार सत्ता की राह आसान हो जाएगी, इसलिए भाजपा के सबसे बड़े स्टार प्रचारक पीएम नरेंद्र मोदी ने रैली की शुरुआत जीटी बेल्ट के कुरुक्षेत्र से की। उन्होंने कुल चार रैलियां की, जिससे उन्होंने पूरे प्रदेश को कवर करने की कोशिश की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुल दस जनसभाएं की। इनमें से नौ जनसभा जीटी बेल्ट व अहीरवाल क्षेत्र में थी। नितिन गडकरी के तीन कार्यक्रम थे। इनमें से दो कार्यक्रम जीटी बेल्ट व एक अहीरवाल क्षेत्र में हुआ। इसी तरह से योगी आदित्यनाथ ने 14 कार्यक्रम किए, जिनमें से आठ इन्हीं दो क्षेत्र में रहे। इसी तरह अनुराग ठाकुर के कुल 14 कार्यक्रम इसी बेल्ट में रखे गए।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही जन आशीर्वाद रैलियों के रूप में प्रचार करना शुरू कर दिया और माहौल एकतरफा नहीं रहने दिया। इसमें सबसे बड़ा पीएम मोदी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी अहम रोल रहा। इन दोनों ने पहले ही नेरेटिव बना दिया था कि चुनाव किस दिशा में आगे लेकर जाना है।
भाजपा के ये स्टार प्रचारक आए
हरियाणा के मंत्रियों व सांसदों के अलावा पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पीयूष गोयल, अनुराग ठाकुर, सीएम योगी आदित्यनाथ, सीएम मोहन यादव, सीएम भजन लाल शर्मा, सीएम पुष्कर सिंह धामी, दिव्या कुमारी, मनजिंदर सिंह सिरसा, नरेंद्र कुमार कश्यप, स्मृति ईरानी, हेमंत बिस्वा सरमा, दिनेश लाल यादव, बृजेश पाठक, हेमा मालिनी, रवि किशन व बांसुरी स्वराज ने हरियाणा में प्रचार को धार दी।
भाजपा के 15 से ज्यादा बागी मैदान में, 8 निष्कासित
भाजपा के 15 से ज्यादा बागी मैदान में हैं। इनमें से आठ को पार्टी निष्कासित कर चुकी है। जो बागी मैदान में हैं, उनमें हिसार से सावित्री जिंदल, गौतम सरदाना, रानिया से रणजीत सिंह, तोशाम से शशिरंजन परमार, गन्नौर से देवेंद्र कादियान, पृथला से दीपक डागर, लाडवा से संदीप गर्ग, सफीदों से बच्चन सिंह, बेरी से अमित, महम से राधा अहलावत, झज्जर से सतबीर सिंह, पुंडरी से दिनेश कौशिक, कलायत से विनोद निर्मल, गुरुग्राम से नवीन गोयल, असंध से जिले राम शर्मा, हथीन से केहर सिंह रावत शामिल हैं। संदीप गर्ग, जिले राम शर्मा, देवेंद्र कादियान, बच्चन सिंह आर्य, रणजीत सिंह, राधा अहलावत, नवीन गोयल व रावत को निष्कासित किया गया है।
पर्ची-खर्ची व कांग्रेस शासन काल में दलित उत्पीड़न को बनाया मुद्दा
भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान पर्ची-खर्ची और कांग्रेस शासन काल में हुए दलित उत्पीड़न को मुद्दा बनाया है। पूरे चुनाव प्रचार में भाजपा ने दावा किया कि उसने अपने शासन काल में एक लाख 40 हजार युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी दी हैं। आठ अक्तूबर को सरकार बनते ही 31 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देने के बाद ही उनके सीएम नायब सैनी शपथ लेंगे। भाजपा ने दलितों उत्पीड़न को भी जोर शोर से मुद्दा बनाया। भाजपा अपने चुनाव प्रचार कहती आई है कि कांग्रेस का शासन आया तो दोबारा से दलितों पर अत्याचार हो सकता है। वह अधिकतर रैलियों में गोहाना व मिर्चपुर कांड की याद दिलाते रहे हैं।