हरियाणा में विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग और राज्य पुलिस ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं लेकिन हिसार और जींद में शांतिपूर्वक चुनाव करवाना आयोग के लिए चुनौती है। हालांकि सेंट्रल पारामिलेट्री फोर्स की पर्याप्त व्यवस्था इन जिलों में रहेगी।
लेकिन लोकसभा चुनाव में हुए तनाव के बाद अब आयोग इस चुनाव में यहां के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। राज्य में सबसे ज्यादा आर्म्स लाइसेंस हिसार के लोगों ने लिए हैं। इसके बाद जींद दूसरे नंबर पर है। गैर जमानती वारंट भी इन जिलों में काफी संख्या में लंबित हैं।
हथियार रखने के शौकीनों में फतेहाबाद, सिरसा और रोहतक के लोग भी पीछे नहीं हैं, लिहाजा चुनाव के दौरान इन हथियारों को जमा करवाना पुलिस के लिए खासी सिरदर्दी है। आयोग ने केंद्र से जो 140 कंपनियां पैरामिलेट्री फोर्स की मांगी हैं। उनमें से सबसे ज्यादा संख्या इन्हीं जिलों में तैनात किए जाने का प्रावधान है।
राज्य पुलिस ने ऐसी रिपोर्ट चुनाव आयोग के साथ बैठक में अधिकारियों को दी है। साथ ही यह मांग की गई है कि पैरामिलेट्री फोर्स की अधिक तैनाती भी इन्हीं क्षेत्रों में की जाए। हालांकि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण सबसे अधिक पैरामिलेट्री फोर्स की आवश्यकता आयोग को पलवल में होगी।
चुनाव की तिथि की घोषणा के साथ ही आयोग इस संदर्भ में निर्देश देने जारी कर देगा। हालांकि चुनाव से पहले पुलिस के लिए यह रुटीन की प्रक्रिया है। फिर भी हम पुलिस के साथ कानून व्यवस्था, बेल जंपर और मोस्ट वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी पर मंथन करेंगे। चुनाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण करवाने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे। फ्लाइंग स्क्वायड की एक ट्रेनिंग हमने पूरी कर ली है।
श्रीकांत वालगद, मुख्य निवार्चन अधिकारी, हरियाणा