8137 में से 4738 पद खाली, 2200 से ज्यादा एक्सटेंशन लेक्चरर से चलाया जा रहा है काम
सरकार ने कहा- नियम संशोधित हो गए हैं, जल्द ही तीन हजार पदों पर होगी भर्ती
चंडीगढ़। हरियाणा के 182 सरकारी महाविद्यालयों में 50 फीसदी से ज्यादा नियमित शिक्षकों के पद खाली हैं। शिक्षकों के अभाव से जहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, कार्यरत शिक्षकों पर भी काम का बोझ बढ़ गया है। यहीं नहीं विद्यालयों में नॉन टीचिंग स्टॉफ की भी भारी कमी है, जिनका काम भी शिक्षकों को करना पड़ता है। इस बारे में शिक्षक व उनसे जुड़ीं एसोसिएशन कई बार सरकार के सामने इस मुद्दे को उठा चुकी हैं, मगर फिलहाल कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है। वहीं, सरकार का कहना है कि मंत्रिमंडल की बैठक में सहायक प्रोफेसरों के पदों पर भर्ती की मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इन नियमों को अधिसूचित कर दिया जाएगा। उसके बाद भर्तियां शुरू हो जाएंगी।
हरियाणा के 182 सरकारी महाविद्यालयों में 8137 पद प्रोफेसर के स्वीकृत हैं, इनमें से 4738 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। खाली पद लगभग सभी विषयों से संबंधित हैं। इनमें सबसे ज्यादा पद अंग्रेजी, हिंदी, जियोग्राफी, फिजिक्स, कॉमर्स, केमिस्ट्री और कंप्यूटर साइंस के खाली पड़े हैं। हालांकि सरकार ने करीब 2200 एक्सटेंशन लेक्चरर भी नियुक्त कर रखे हैं, जो नियमित टीचरों की जगह सेवाएं देते हैं। यदि इन टीचरों को मिलाकर देखें तो करीब 25 फीसदी पद खाली हैं। टीचरों ने यह भी बताया कि शहरों के मुकाबले कस्बों और गांवों में स्थापित महाविद्यालयों के टीचरों की संख्या की भारी कमी है। हालांकि सरकार की ओर से कई बार भर्ती निकाली गई, लेकिन यह सिर्फ कागजों में रह गई। पिछले साल सहायक प्रोफेसर के 1535 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, मगर हरियाणा लोक सेवा आयोग की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाईं। कॉलेज टीचरों की खाली पोस्टों का मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा। वहां सरकार ने कहा है कि वह पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से भरी जाएंगी पोस्टें
हरियाणा के कुछ कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में टीचरों की संख्या ज्यादा है, तो कहीं टीचरों की भारी कमी है। ऐसे में सरकार ने अब विद्यार्थियों की संख्या और कॉलेजों की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से टीचरों की भर्ती करने का फैसला किया है। इसके लिए कॉलेजों को ग्रेड में बांटा जाएगा और रेशनेलाइजेशन के हिसाब से पोस्टें भरी जाएंगी।
तीन हजार पदों पर की जाएगी नियुक्ति
उच्च शिक्षा मंत्री मूलचंद शर्मा ने बताया कि भर्ती नियमों में कुछ अड़चनें थी, इसलिए भर्तियों में दिक्कत आ रही थी। अब भर्ती नियमों के संशोधन को मंजूरी मिल चुकी है। इन नियमों को कानूनी सलाह के लिए भेजा गया है। उसके बाद इन नियमों को अधिसूचित कर सहायक प्रोफेसर के पदों पर भर्ती शुरू कर दी जाएगी। करीब तीन हजार पदों पर भर्ती की जानी है।
कॉलेजों में शिक्षकों की तो कमी है। साथ ही नॉन टीचिंग स्टाफ भी नहीं है। कॉलेजों में टीचरों को पढ़ाई के साथ क्लेरिकल का भी काम करना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द भर्ती करनी चाहिए।
- अमित चौधरी, प्रेसिडेंट ऑल हरियाणा गवर्नमेंट काॅलेज टीचर्स एसोसिएशन