पहले तहसील कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट पुलिस विभाग को सौंपी थी, उसमें डेरा प्रमुख की व्यक्तिगत मालिकाना हक की भूमि न होने का हवाला दिया। लेकिन पुलिस विभाग इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुआ। क्योंकि राम रहीम डेरा सच्चा सौदा के ट्रस्ट के अधीन आने वाली भूमि पर काश्तकार है। सोमवार को एसपी अरुण सिंह ने बताया कि डेरा प्रमुख ने अपनी पैरोल की अर्जी वापस ले ली है।
पैरोल के विरोध में रामचंद्र छत्रपति के परिजनों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
गुरमीत राम रहीम को पैरोल न देने के मामले में सोमवार को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के परिजनों और कुछ लोगों ने एडवोकेट रणजीत भांबू की अध्यक्षता में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। एडवोकेट भांबू ने कहा कि डेरा मुखी को पैरोल नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो साल पहले राम रहीम की गिरफ्तारी के समय सिरसा का आर्थिक नुकसान हुआ था।
शहर में आतंक का माहौल बन गया था। छत्रपति के भतीजे रूप कुमार ने कहा कि अगर डेरा मुखी को पैरोल मिलती है तो उनके परिवार को भी जान का खतरा है। अगर वह एक बार बाहर आ गया तो कभी वापस जेल नहीं जाएगा। इस पर उपायुक्त ने कहा कि यह मामला अभी विचाराधीन है।