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राम रहीम के साध्वी यौन शोषण केस ने कराया हाई अलर्ट, फैसला कभी भी आ सकता है

Thu, 17 Aug 2017 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
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Gurmeet Ram Rahim Singh
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डेरा सच्चा सौदा सिरसा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां के साध्वी यौन शोषण केस ने हाईअलर्ट करा दिया है, वहीं पुलिस की परेशानी भी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि मामले की सुनवाई इन दिनों पंचकूला सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही है औ केस में कभी भी फैसला आ सकता है।
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इसके चलते पंजाब में हाईअलर्ट कर दिया गया है। पुलिस अफसरों को चौकस रहने के निर्देश दे दिए गए हैं। पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दीं गई हैं और उनको 24 घंटे चौकस और ड्यूटी पर रहने को कहा गया है। पंजाब पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की कंपनियां भी मांगी हैं। उनके ठहरने के लिए अधिकारियों को धर्मशालाओं में प्रबंधों किए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि 27 फरवरी 2010 को डेरा प्रमुख के खिलाफ अदालत का फैसला आने के बाद मोगा और बाघापुराना में डेरा प्रेमी भड़क गए। उन्होंने तोड़ फोड़ की और सरकारी बसों आदि को फूंक दिया था।
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इस बार भी डेरा प्रेमी इस बात से खफा हैं कि उनके रहबर को झूठे मामलों में परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ गैर सामाजिक तत्व डेरे को बदनाम कर रहे हैं।  लिहाजा इस बार इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी की जा रही है।
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डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने मांगी अर्धसैनिक बल की कंपनियां

ram rahim singh
जानकारी के मुताबिक, पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा केंद्रीय गृह सचिव से मुलाकात करने के लिए दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। पंजाब ने केंद्र से 250 अर्धसैनिक बल की कंपनियां मांगी है। इसके साथ ही पंजाब पुलिस के जवान हर जगह मुस्तैद कर दिए गए हैं, क्योंकि फैसले के बाद बवाल की आशंका है।

बता दें कि  साल 2002 में बाबा गुरमीत राम रहीम पर साध्वियों के यौन शोषण के आरोप लगे थे। मामले की जांच हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंप दी थी। एक युवती ने राम रहीम पर यौन शौषण का आरोप लगाते हुए एक पत्र मीडिया को, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को और एक पीएम के नाम जारी किया था। इसके बाद हरियाणा और पंजाब में खूब बवाल मचा।

हाईकोर्ट ने 24 सितंबर 2002 को इस पत्र के आधार पर सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपा था। सीबीआई ने जांच को पूरा कर जुलाई 2007 में अपनी रिपोर्ट स्पेशल कोर्ट को सौंप दी थी। तब से केस में सुनवाई चल रही थी। बहस और गवाहियों का दौर पूरा हो चुका है। अब पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट कभी भी आरोप तय करके केस में फैसला सुना सकती है।
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